Hindi NewsIndia NewsSupreme Court orders personal presence of Chief Secretaries issue of stray dog menace
आवारा कुत्तों की समस्या पर हलफनामा नहीं देने से भड़का SC, मुख्य सचिवों को उपस्थित होने का आदेश

आवारा कुत्तों की समस्या पर हलफनामा नहीं देने से भड़का SC, मुख्य सचिवों को उपस्थित होने का आदेश

संक्षेप:

एससी ने नोट किया कि केवल दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के नगर निगमों (MCDs) ने हलफनामा दाखिल किया है। इन तीन राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।

Mon, 27 Oct 2025 11:44 AMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले को लेकर सोमवार को एक अहम आदेश जारी किया। अदात ने उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है, जिन्होंने देश में आवारा कुत्तों की समस्या पर कोर्ट के निर्देश के तहत हलफनामा दाखिल नहीं किया है। उच्चतम न्यायालय ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

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एससी ने नोट किया कि केवल दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के नगर निगमों (MCDs) ने हलफनामा दाखिल किया है। अदालत ने निर्देश दिया कि इन तीन राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को सुबह 10:30 बजे अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही यह साफ करना होगा कि हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया।

इन राज्यों को फिलहाल राहत

जज विक्रम नाथ, जज संदीप मेहता और जज एन वी अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने कहा कि केवल दिल्ली नगर निगम और पश्चिम बंगाल, तेलंगाना राज्यों ने ही 22 अगस्त के आदेश के अनुपालन में अपने हलफनामे दाखिल किए हैं। पीठ ने हलफनामा दाखिल न करने के लिए अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आलोचना करते हुए कहा कि 22 अगस्त के हलफनामे में सब कुछ कहा गया था। पीठ आवारा कुत्तों से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।

एससी ने पिछले आदेश में क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को आवारा कुत्तों के मामले का दायरा दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से आगे बढ़ाते हुए निर्देश दिया था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए। शीर्ष अदालत ने 22 अगस्त के अपने आदेश में दिल्ली-एनसीआर में टीकाकरण किए गए आवारा कुत्तों को बाड़ों से बाहर छोड़ने पर रोक लगाने के अपने पहले के निर्देश को संशोधित किया था। साथ ही, कुत्तों को नसबंदी और कृमि-मुक्त करने के बाद छोड़ने का आदेश दिया था। उसने अपने पहले के आदेश को बहुत कठोर बताया था।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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