
दिल्ली से बेहतर तो…, खराब हवा पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कस दिया तंज; क्या बोलीं मिलॉर्ड?
संक्षेप: सुप्रीम कोर्ट में एक अलग मामले पर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान जज साहिबा ने बातों-बातों में दिल्ली की हवा का जिक्र कर दिया। कोर्ट में एक महिला द्वारा लगाए गए दहेज के आरोपों को लेकर सुनवाई चल रही थी।
पलूशन की मार झेल रहे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। इस सप्ताह दिल्ली में AQI का आंकड़ा 400 को पार कर गया जिसके बाद GRAP-3 लागू कर दिया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान मिलॉर्ड भी दिल्ली की खराब हवा पर तंज कसतीं नजर आईं। मामले से इतर केस से जुड़ी महिला से बातचीत के दौरान जज साहिबा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि रहने के लिए दिल्ली से बेहतर बेंगलुरु है क्योंकि वहां इतना प्रदूषण नहीं है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में एक महिला ने एक शख्स के खिलाफ शादी का झूठा वादा करने और दहेज मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि सोमवार को उसने शीर्ष अदालत को बताया कि उस शख्स ने उससे शादी कर ली है और खुशी-खुशी रह रही है, जिसके बाद अदालत ने उस व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।
मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कार्यवाही के दौरान दंपति से बातचीत की। यह जानने पर कि क्या उन्होंने शादी कर ली है, कोर्ट ने पूछा, "वे कहां से हैं? आपको ऐसी शिकायत करने के लिए पुलिस स्टेशन नहीं जाना चाहिए।" महिला की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट को बताया कि शिकायत भ्रम की स्थिति में दर्ज की गई थी और अब दंपति के बीच सुलह हो गई है।
इसके बाद महिला से बात करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने पूछा, "क्या आप खुश हैं?" महिला ने बताया कि वो खुश है और अब बेंगलुरु में नौकरी पाने की कोशिश कर रही है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने जवाब दिया, “हां, दिल्ली से बेहतर है, कोई प्रदूषण नहीं!”
कोर्ट ने यह पाया कि विवाद को आपस में बातचीत के माध्यम से सुलझा लिया गया है, सुप्रीम कोर्ट ने उस व्यक्ति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को रद्द कर दिया।





