शाहरुख खान की 'मन्नत' हुई पूरी, घर पर 2 और फ्लोर बनाने की सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी
चीफ जस्टिस ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने पाया कि प्रोजेक्ट में कानून का पालन किया गया है। अगर कोई व्यक्ति अपने घर में अतिरिक्त मंजिलें बनाना चाहता है और वह कानून के दायरे में है, तो आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर शाहरुख खान के मुंबई स्थित घर 'मन्नत' में दो अतिरिक्त मंजिलें बनाने की इजाजत दे दी। अदालत ने तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जज जॉयमाल्य बागची और जज वी. मोहन की पीठ ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की याचिका पहले ही खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील शोएब आलम ने दलील दी कि मामला किसी बड़े फिल्म अभिनेता से जुड़ा होने के कारण अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इस पर अदालत ने साफ कहा कि उसके फैसले पर इसका कोई असर नहीं है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि अधिकारियों ने पाया कि प्रोजेक्ट में कानून का पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने घर में अतिरिक्त मंजिलें बनाना चाहता है और वह कानून के दायरे में है, तो इसमें किसी पड़ोसी या अन्य व्यक्ति को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता की मंशा पर भी गंभीर संदेह जताया। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एनजीटी ने उनकी नीयत पर कोई सवाल नहीं उठाया था और मामले को गुण-दोष के आधार पर दोबारा सुनवाई के लिए वापस भेजा जाना चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस दलील से सहमत नहीं हुआ और अपील खारिज कर दी।
आखिर किस बात पर थी आपत्ति
इससे पहले एनजीटी की पीठ ने भी याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में 3 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (MCZMA) की ओर से जारी मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि परियोजना पहले हुए CRZ उल्लंघनों से जुड़ी है। पुरानी संरचनाओं को बिना आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी के हटाया गया, संपत्ति मूल रूप से कला दीर्घा के लिए आरक्षित थी और इसे गलत तरीके से सीआरजेड-द्वितीय श्रेणी में दिखाया गया। इसके अलावा तटीय कटाव, भूजल दोहन और पहले हुए निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए गए थे।
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि इनमें से कोई भी आरोप यह साबित नहीं करता कि नई CRZ मंजूरी अवैध तरीके से दी गई है। अधिकरण ने बताया कि मंजूरी केवल मौजूदा छह मंजिला भवन के ऊपर सातवीं और आठवीं मंजिल जोड़ने के लिए दी गई है। इसमें जमीन के स्तर पर कोई विस्तार नहीं किया जा रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार, मुंबई महानगरपालिका ने नवंबर 2024 में भवन योजना को मंजूरी दी थी ।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
और पढ़ें

