चेन्नई एयरपोर्ट पर अचानक प्लेन में लगी आग, उठता धुआं देख मच गई अफरातफरी; VIDEO वायरल
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्लेन से धुआं उठ रहा है। बताया जा रहा है कि फ्लाइट उड़ने से पहले जब उसमें फ्यूल भरा जा रहा था तभी ये हादसा हुआ।

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब दुबई जाने वाली एमिरेट्स की फ्लाइट में अचानक आग लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्लेन से धुआं उठ रहा है। बताया जा रहा है कि फ्लाइट उड़ने से पहले जब उसमें फ्यूल भरा जा रहा था तभी ये हादसा हुआ।
ग्राउंड स्टाफ द्वारा शूट किए गए वीडियो में नजर आ रहा है कि प्लेन के पिछले हिस्से से सफेद धुएं का गुबार उठ रहा है। एयरपोर्ट स्टाफ बड़े ध्यान से इस आग को बुझाने की कोशिश कर रहा था। वीडियो में अग्निशमन कर्मी प्लेन के पिछले हिस्से पर पानी डालते नजर आ रहे हैं ताकि आग बुझाई जा सके।
इस घटना के बाद एमिरेट्स ने बयान दिया कि तकनीकी खराबी की वजह से फ्लाइट EK547 देरी से रवाना हुई। एमिरेट्स ने कहा, "चेन्नई से दुबई जाने वाली फ्लाइट EK547 में 24 सितंबर 2024 को तकनीकी खराबी की वजह से देरी हुई। इंजीनियरिंग जांच के बाद फ्लाइट को दुबई जाने की अनुमति दी गई। एमिरेट्स अपने यात्रियों से हुई असुविधा के लिए माफी मांगता है और हमारे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सबसे ऊपर है।"
इस घटना के बाद यात्रियों में काफी गुस्सा देखा गया। सतीश नाम के एक पैसेंजर ने एक्स पर लिखा, "हमें बोर्डिंग के बाद प्लेन से उतार दिया गया और बिना वजह 50 मिनट तक बाहर खड़ा रखा गया।" उन्होंने ये भी बताया कि फ्लाइट 2.5 घंटे की देरी से चली।
यहां देखें वीडियो
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


