Hindi NewsIndia Newsstray dogs hearing in supreme court lady came to talk in favor of animal
कुत्ते को पत्थर मारकर हिंसक बनाया, सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने किया डॉग का बचाव

कुत्ते को पत्थर मारकर हिंसक बनाया, सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने किया डॉग का बचाव

संक्षेप:

8 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने एबीसी नियमों को ठीक से लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उसकी तरफ से सभी स्ट्रीट डॉग्स को हटाए जाने के निर्देश नहीं दिए गए हैं, बल्कि एबीसी नियमों के तहत इससे निपटने की बात कही गई है।

Jan 13, 2026 12:57 pm ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

स्ट्रे डॉग्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आखिरी सुनवाई जारी है। मंगलवार को अदालत में कुत्ते के काटने का शिकार हुई एक महिला भी पहुंचीं, जिन्होंने जानवरों के हमले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुत्ते के साथ बुरी तरह से क्रूरता की गई थी, जिसके चलते उसने हमला किया। साथ ही उन्होंने डॉग्स को काबू करने के उपाय भी सुझाए हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचीं पीड़ित महिला ने कहा कि उन्हें भी कुत्ते ने काट लिया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह इस हमले की वजह का पता करने निकल गईं थीं।

बार एंड बेंच के अनुसार, महिला ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'मैं मानती हूं कि उचित तरीके से ABC लागू करने से कुत्तों की आबादी और आक्रामकता कम होगी। मुझे एक कुत्ते ने काट लिया था। मैं जानना चाहती थी कि आखिर कुत्ते ने मुझे बगैर किसी उकसावे के क्यों काटा। उस कुत्ते के साथ लंबे समय से क्रूरता की जा रही थी। लातें मारी जा रही थीं, पत्थर मारे जा रहे थे आदि।'

उन्होंने आगे कहा, 'उसे डर के जवाब में बचाव वाली आक्रामकता दिखाई। मैंने किसी और की हरकतों के कारण ये झेला। एक कुत्ते में आक्रामकता कैसे आती है। एक मिलनसार कुत्ते के साथ क्रूरता करने से उसके मन में डर पैदा होता है। डर बचाव में आक्रामकता को जन्म देता है।'

8 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने एबीसी नियमों को ठीक से लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उसकी तरफ से सभी स्ट्रीट डॉग्स को हटाए जाने के निर्देश नहीं दिए गए हैं, बल्कि एबीसी नियमों के तहत इससे निपटने की बात कही गई है। पशु प्रेमियों और जानवरों के हितों के लिए काम करने वालों की तरफ से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए थे।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।