हिमालय में मिली सांप की अजीब प्रजाति, हॉलीवुड एक्टर के नाम पर पहचान

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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  • पश्चिमी हिमालय में सांप की एक नई प्रजाति पाई गई है। यह सांप हमला नहीं करता बल्कि शांत हो जाता है। इसको हॉलिवुड एक्टर डिकैप्रियो के नाम से पहचान दी गई है।

हिमालय में मिली सांप की अजीब प्रजाति, हॉलीवुड एक्टर के नाम पर पहचान

पश्चिमी हिमालय में सांप की एक नई प्रजाति पाई गई है। वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति का नाम हॉलिवुड सुपर स्टार लियोनार्डो डिकैप्रियो के नाम पर रख दिया है। उनका कहना है कि डिकैप्रियो ने सांपों के संरक्षण के लिए काफी काम किया है। ऐसे में यह उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। भारत, जर्मनी और यूके के शोधकर्ताओं की टीम ने इस 'एंगीकुलस दिकैप्रियो' नाम की सांप की प्रजाति का पता 2020 में लगाया था। यह टीम भारत में पाए जाने वाले सांपों की प्रजातियों की खोज करने का अभियान हिमालय में चला रही थी।

साइंटफिक रिपोर्ट्स जर्नल में सोमवार को सांप की इस प्रजाति के बारे में लिखा गया। इस प्रजाति का विभाजन एंगीकुलस के अंतरगत किया गया है। लैटिन में इसका मतलब छोटा सांप होता है। वहीं लियोनार्डो डिकैप्रियो एक अमेरिकी एक्टर, प्रड्यूसर और पर्यावरण कार्यकर्ता भी हैं। वह प्रदूषण कम करने और जीवों को बचाने में काफी योगदान देते हैं। इसके अलावा सांपों के संरक्षण के लिए बड़ा फंड भी देते हैं। इसीलिए इस सांप का नाम डिकैप्रियो हिमालयन स्नेक रखा गया है।

इस अभियान के तहत शोधकर्ताओं की टीम पश्चिमी हिमालय में खोज करती है। एक बार अभियान के दौरान कीचड़ वाली सड़क पर एक भूरे रंग का सांप दिखाई दिया था। जब इसे पकड़ने की कोशिश की गई तो यह एकदम शांत और स्थिर हो गया। इसने हिलना-डुलना भी बंद कर दिया। उसने किसी पर हमला भी नहीं किया। इसके बाद दूसरे सांपों के साथ इसकी डीएनए अनालिसिस की गई। तब पता चला कि यह सांप की अलग प्रजाति है।

रिपोर्ट में कहा गया, यह हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुलू के आसपास पाया जाता है। इसके अलावा उत्तराखंड के नैनीताल, और नेपाल के चिटवान नेशनल पार्क में भी यह स्पीसीज मिलती है। रिसर्चर्स की इस टीम में मिजोरम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लालरेमसांगा, जीशान ए मिर्जा, विरेंद्र के भारद्वाज, सौनक पाल, गरनोत वोगेल, पैट्रिक डी कैंपबेल और हर्षिल पटेल शामिल थे।

अध्ययन के मुताबिक इस सांप के छोटे-छोटे दर्जनभर दांत होते हैं। यह सांप करीब 22 इंच का होता है। सांप के ऊपर छोटे-छोटे गहरे भूरे रंग के धब्बे होते हैं और कॉलर बड़ी होती है। इस सांप की खोपड़ी मजबूत और गोल थूथन होता है।

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विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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