तंबाकू निषेध बनेंगे स्कूल,मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
- देश को वर्ष 2047 तक नशा मुक्त बनाने का है सरकार का लक्ष्यतंबाकू निषेध बनेंगे स्कूल,मिलने पर सख्त कार्रवाईतंबाकू निषेध बनेंगे स्कूल,मिलने पर सख्त कार

हाथरस: युवा पीढ़ी लगातार नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ रही है,जिसमें विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। लगातार तंबाकू आदि का सेवन करने से लोग मौत के आगोश में चले जाते हैं। देश को वर्ष 2047 तक नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत अब स्कूलों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान अभियान लागू करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही स्कूल परिसर तथा उसके सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों के उपयोग या बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
यदि किसी स्कूल में गुटखा व तंबाकू के प्रयोग के उपयोग होने के प्रमाण निरीक्षण के दौरान मिलते हैं,तो जिम्मेदार शिक्षकों से जबाव तलब नोटिस के जरिए लिया जाएगा। विद्यालयों के मुख्य द्वार पर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान का बोर्ड लगाया जाएगा। एक नोडल अधिकारी नामित कर उसका नाम और मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया जाए। विद्यालय परिसर में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से संबंधित पोस्टर लगाने, जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा स्कूल की आचार संहिता में तंबाकू निषेध संबंधी प्रावधान शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों के आसपास स्थित दुकानों पर जमकर तंबाकू आदि की बिक्री की जाती है। यदि 100 मीटर के दायरे में गुटखा तंबाकू की बिक्री होते हुए मिली तो कार्रवाई तय की जाएगी। विद्यालयों के खुलने के बाद अधिकारियों की टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगी और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। प्रत्येक छह महीने में कम से कम एक बार तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए नामित नोडल अधिकारी निगरानी और रिपोर्टिंग का कार्य करेंगे।


