जल, जीवन और हरियाली सतत विकास व पर्यावरण का आधार

हिन्दुस्तान, दरभंगा
Follow us on Google News
share

राजीव रंजन झा,दरभंगा। लनामिवि के राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत 200 स्वयंसेवकों के लिए 'युवा आपदा मित्र' प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। पहले सत्र में जल, जीवन और हरियाली के महत्व पर चर्चा की गई। दूसरे सत्र में सर्पदंश प्रबंधन और पानी में डूबने से बचने के उपाय साझा किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

जल, जीवन और हरियाली सतत विकास व पर्यावरण का आधार

राजीव रंजन झा,दरभंगा। लनामिवि के राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग के तत्वावधान में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से विवि परिसर में दरभंगा जिले के 200 स्वयंसेवकों के सात दिवसीय आवासीय ‘युवा आपदा मित्र’ प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत व एनएसएस लक्ष्य गीत से हुई।

जल, जीवन और हरियाली

प्रथम सत्र में मालिक कुमार ने ‘ह्णजल, जीवन और हरियाली’ विषय की जानकारी देते हुए कहा कि इन तीनों में अन्योन्याश्रय संबंध होता है। ये एक ही पर्यावरणीय श्रृंखला की तीन महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। जल की रक्षा जीवन की रक्षा है तथा हरियाली की रक्षा ही भविष्य की रक्षा है। इनसे हमारे जीवन में खुशहाली आती है। ये मानव जीवन, पर्यावरण एवं सतत विकास के बीच संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने जल के महत्व, उनके प्रकार, संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के सृजन आदि की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में दो अक्टूबर 2019 को गांधी जयंती के अवसर पर ‘जल, जीवन हरियाली अभियान’ का शुभारंभ हुआ। जल और हरियाली एक-दूसरे को पूरक हैं। पेड़-पौधे धरती के पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा जल चक्र को संतुलित रखने में मदद करते हैं। कृषि प्रधान राज्य बिहार में इनका विशेष महत्व है। कहा कि ह्यजल, जीवन और हरियालीह्ण केवल सरकारी कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सर्पदंश प्रबंधन

द्वितीय सत्र में एसडीआरएफ प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने सर्पदंश प्रबंधन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सांपों के प्रकार, सांप डसने के कारण तथा विषैले सांप के डसने पर उससे बचने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। कहा कि विश्व में 3000 से अधिक सांपों को प्रजातियां हैं, परंतु भारत में 275 प्रकार के सांप पाए जाते हैं। इनमें 15 प्रतिशत सांप ही विषैले होते हैं। इनमें कोबरा, करैत, रसल वाइपर, पिट वाईपर आदि शामिल हैं, जिनमें करैत सर्वाधिक जहरीला होता है। उन्होंने कहा कि सांप अपने भोजन की प्राप्ति व अपनी रक्षा के लिए डसता है। सांप के डसने के लक्षण नींद आना, सांस लेने में परेशानी होना व मुंह से झाग आना है तथा कटे जगह पर दर्द होना आदि लक्षण हैं। सांप के डसने पर मरीज को झाड़फूंक की जगह सीधे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। सांप से बचने के लिए बाढ़, बारिश तथा रात एवं खेत में सतर्क चाहिए तथा बूट, जूता, फुल पैंट एवं शर्ट आदि पहनना चाहिए। जमीन पर नहीं लेटना तथा चूहा, मुर्गा, खरगोश आदि को निवास स्थल से दूर रखना चाहिए। विशेष जरूरत पर सांप भगाने के लिए फेनोल, कार्बनिक एसिड आदि का प्रयोग करना चाहिए।

पानी में डूबने से बचाव

अगले सत्र में प्रशिक्षण गौरव कुमार ने काफी रोचक ढंग से ‘पानी में डूबने के कारण, उत्पन्न समस्याएं एवं निदान’ बताते हुए कहा कि बिहार के 15 जिले बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं और पर्व-त्योहार, अनियंत्रित तथा चढ़ने-उतरने के उतावलापन, तेज भाव तैरने की कुशलता के अभाव आदि के कारण डूबने की घटनाएं अधिक होती हैं। इससे बचने के लिए जागरुकता एवं प्राथमिक उपचार के साथ ही जीवन रक्षा के कौशल से बढ़ाना आवश्यक है। प्रशिक्षक संतोष कुमार ने पौधरोपण कब, कैसे, कहां और कितना आदि की विस्तृत जानकारी दी। इसके अभाव में मानव जीवन की कल्पना संभव है।

भीड़ नियंत्रण की जानकारी

अंतिम तकनीकी सत्र में गौरव कुमार भीड़ नियंत्रण की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक आयोजन, मेले, जुलूस, खेल प्रतियोगिता, राजनीतिक सभा, शादी-विवाह, सामूहिक भोज, परीक्षा केन्द्र, रेलवे स्टेशन तथा अफवाह आदि कारण हैं। भीड़ अनियंत्रण से जन-धन की हानि, सरकारी संपत्ति की क्षति, आयोजन पर कार्रवाई तथा शासन- प्रशासन की बदनामी होती है। कहा कि भीड़ नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक एवं आम लोगों की भी सामूहिक जिम्मेदारी होती है। लोगों को जागरूक कर, अच्छा प्रबंधन, सुरक्षा बल एवं प्रशासन की उचित व्यवस्था, अफवाह रोककर, पर्याप्त निकासी मार्ग की व्यवस्था कर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

वैभव झा के नेतृत्व में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुस्कान एवं माधवी कुमारी, काजल, मासूम, अपर्णा, सक्रीन फातमा, कृष्णा, सदाफ, सल्तनत, प्रसन्न चौधरी, विजय, अरुण, श्रुति, कोमल, सानिया, अनुष्का, अर्णव, राजलक्ष्मी, अमित कुमार झा, अमृत, दयाराम, मो. कासिद, अमरनाथ, नेहा, कंचन आदि ने सराहनीय रूप से भाग लिया। प्रात: काल में मुकेश, मणिकांत, वैभव एवं अंकिता के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने पीटी, योग के बाद संस्कृत विश्वविद्यालय एवं मिथिला विश्वविद्यालय के परिसरों का भ्रमण कर विभिन्न जानकारियां प्राप्त की। शिविर में संयोजक डॉ. आरएन चौरसिया, पीओ डॉ. सुधांशु कुमार, डॉ. युगेश्वर साह, भू- संपदा पदाधिकारी डॉ. कामेश्वर पासवान, मनीष राज, सुमित कुमार झा, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अक्षय कुमार झा, विकास कुमार, सुमित कुमार, रवीन्द्र कुमार सिंह आदि ने भाग लिया।

प्रश्न और उत्तर

✦युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कहाँ किया गया था?−
यह आयोजन लनामिवि के परिसर में किया गया था।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsजल, जीवन और हरियाली सतत विकास व पर्यावरण का आधार