पात्रता की जांच के बाद ही गौरा कन्या योजना का लाभ दिया जाए
युवा कांग्रेस ने गौरा कन्या धन योजना की पात्रता मानकों के पालन की मांग की है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को मिलना चाहिए। कई ऐसी छात्राएं जो महंगे पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो सकता है।

गौरा कन्या धन योजना के लाभ को लेकर युवा कांग्रेस ने पात्रता मानकों का सख्ती से पालन करने की मांग उठाई है। शनिवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाल विकास विभाग के सीडीपीओ के माध्यम से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को ज्ञापन भेजकर योजना में पात्रता की जांच के बाद ही लाभ देने की मांग की। युवा कांग्रेस के विकासनगर अध्यक्ष दीक्षांत उनियाल ने कहा कि योजना के निर्धारित मानकों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र छात्राओं को ही इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से कई ऐसी छात्राओं को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है, जो महंगे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग और बीटेक जैसे पाठ्यक्रमों में पढ़ाई का खर्च काफी अधिक होता है। ऐसे में यदि किसी परिवार की मासिक आय महज छह हजार रुपये है तो उसके लिए लाखों रुपये की फीस वाले पाठ्यक्रम में छात्रा को पढ़ाना व्यवहारिक रूप से कठिन है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए सहायता देना है, इसलिए पात्रता की वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि योजना के लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति और शैक्षणिक संस्थान की फीस समेत निर्धारित मानकों की जांच कराई जाए। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग रोकने के साथ वास्तविक जरूरतमंद छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सकेगा। ज्ञापन देने वालों में शशिपाल, नासिर, समीर, मोहित आदि शामिल रहे।


