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हमने गूगल करके देखा, आपकी बीमारी गंभीर तो नहीं है; मंत्री की मांग पर बोला SC

तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनकी बीमारी इतनी गंभीर नहीं है। उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था।

हमने गूगल करके देखा, आपकी बीमारी गंभीर तो नहीं है; मंत्री की मांग पर बोला SC
Ankit Ojhaएजेंसियां,नई दिल्लीTue, 28 Nov 2023 12:29 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दियाहै कि उनकी बीमारी बीमारी गंभीर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया। बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है।  बालाजी ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत की अपील की थी। शीर्ष अदालत मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने 19 अक्टूबर को उनकी जमानत याचिका यह कहकर खारिज कर दी थी कि अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एस. सी. शर्मा की पीठ ने बालाजी की स्वास्थ्य रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि गूगल करके देखा, उनके स्वास्थ्य की स्थिति में कुछ भी गंभीर नहीं है और बालाजी नियमित जमानत के अनुरोध के लिए निचली अदालत जा सकते हैं। पीठ ने कहा, ''गुण-दोष के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ अंतरिम आदेश में की गई कोई भी टिप्पणी उसके नियमित जमानत आवेदन दाखिल करने के रास्ते में नहीं आएगी।''
    
 पीठ के मामले में विचार करने से इनकार कर दिया और मामले को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले बालाजी को अपनी चिकित्सकीय रिपोर्ट रिकॉर्ड में पेश करने का निर्देश दिया था। जमानत याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि बालाजी की स्वास्थ्य रिपोर्ट से ऐसा नहीं लगता कि यह कोई ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसका उनके जमानत पर रहने के दौरान ही इलाज किया जा सकता है। बालाजी को 14 जून को ईडी ने 'नौकरी के बदले नकदी' घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था, जब वह पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) शासन के दौरान परिवहन मंत्री थे।

10 अक्टूबर को उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी। इके बाद उन्हें चेन्नई के स्टैनली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उन्हें फिर से जेल ले जाया गया। ईडी ने उनके भाई को भी समन किया था लेकिन उन्हेंने पेश होने से इनकार कर दिया। ईडी का कहना है कि उनकी पत्नी निर्मला और सास पी लक्ष्मी भी समन के बावजूद पेश नहीं हुईं। 
 

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