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महाराष्ट्र कोर्ट: PNB स्कैम से लेकर सोहराबुद्दीन केस तक, सालभर चर्चा में रहे ये मामले

महाराष्ट्र कोर्ट: PNB स्कैम से लेकर सोहराबुद्दीन केस तक, सालभर चर्चा में रहे ये मामले

महाराष्ट्र (Maharashtra) की अदालतों में 2018 में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला, सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामला और सनसनीखेज शीना बोरा हत्याकांड चर्चा में रहा। इन सब के साथ ही प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले पर अदालत द्वारा रोक लगाने से इंकार के आदेश ने भी सुर्खियां बटोरी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यहां एक धन शोधन रोकथाम कानून अदालत में हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक को 14,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी देने का मामला दर्ज कराया। इस सिलसिले में नीरव के मामा मेहुल चोकसी और कई अन्य बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।

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प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए अदालत से शराब कारोबारी विजय माल्या को आर्थिक अपराध करने वाला भगोड़ा घोषित करने की मांग भी की। ब्रिटेन की एक अदालत ने हाल ही में माल्या का भारत प्रत्यर्पण करने का आदेश दिया है, जो (माल्या) भारत में 9000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में वांछित है।

विशेष अदालत नीरव और माल्या दोनों के मामले में सुनवाई कर रही है। उच्च न्यायालय ने अप्रैल में राज्य सरकार के प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर यह कहते हुए रोक लगाने से इनकार कर दिया था कि वह पर्यावरण पर प्लास्टिक कचरे के प्रतिकूल प्रभाव को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

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मुम्बई की एक अदालत ने पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के मामले में गैंगस्टर छोटा राजन और शूटर सतीश कालिया को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। ज्योतिर्मय डे की हत्या मुम्बई में वर्ष 2011 में की गई थी। इस मामले में आरोपी पत्रकार जिग्ना वोरा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

जून में ठाणे की एक अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में आरोप तय किए। गांधी के खिलाफ आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने यह मामला दर्ज कराया है। कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अब इस मामले में आगे मुकदमा चलेगा। सीबीआई की विशेष अदालत ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके साथ तुलसी प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ मामले में सुनवाई पूरी की। मामले में गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मी सहित 22 लोग आरोपी हैं।

सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी की वर्ष 2005 में गुजरात पुलिस ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। वहीं गुजरात और राजस्थान पुलिस ने वर्ष 2006 में एक साझा अभियान के तहत ऐसी ही एक अन्य मुठभेड़ प्रजापति की हत्या की थी। सितम्बर में उच्च न्यायालय ने गुजरात के पूर्व एटीएस प्रमुख डी जी बंजारा, गुजरात के आईपीएस अधिकारी विपुल अग्रवाल, राजस्थान और गुजरात पुलिस के चार अन्य कर्मियों को आरोप मुक्त करने का फैसला बरकरार रखा।     

नवम्बर में उच्च न्यायालय ने सीबीआई के इस मामले में भाजपा प्रमुख अमित शाह को आरोप मुक्त करने के फैसले को चुनौती देने वाली बॉम्बे वकील संघ की याचिका भी खारिज कर दी। सत्र अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी के खिलाफ शीना बोरा (इंद्राणी की बेटी) की हत्या के मामले में सुनवाई शुरू की। मामला वर्ष 2012 का है। इसमे इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना भी आरोपी हैं।
     
एनआईए की एक विशेष अदालत ने सितम्बर 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और अन्य के खिलाफ सुनवाई शुरू की। मालेगांव में एक मस्जिद के पास हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

शिवसेना के ठाकरे परिवार से जुड़े एक मामले में उच्च न्यायालय ने नवम्बर में दिवंगत बाल ठाकरे के बेटे जयदेव ठाकरे को उनके पिता की वसीयत को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। जयदेव ठाकरे ने 11 दिसम्बर 2011 को अपनी पिता की वसीयत को चुनौती दी थी लेकिन बाद में उन्होंने इस वापस लेने का निर्णय लिया।

देश में 'मी टू की लहर आने के साथ ही बॉलीवुड भी अदालत पहुंच गया। एक महिला कर्मी ने निर्देशक विकास बहल पर वर्ष 2015 में उसका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इसके बाद बहल ने 'फैंटम फिल्म्स के अपने पूर्व साथियों अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंतेना के खिलाफ 10 करोड़ रुपए की मानहानि का मामला दर्ज कराया। विकास ने आरोप लगाया कि वे उनसे निजी तौर पर बात करने की बजाय सोशल मीडिया पर अपनी राय (मामले से जुड़ी) रख रहे हैं।

मुम्बई के कमला मिल्स कम्पाउंड में दो रेस्तरां में आग लगने के मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय ने फरवरी में तीन सदस्यीय न्यायिक समिति का गठन किया। घटना दिसम्बर 2017 की है जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। समिति ने सितम्बर में अपनी रिपोर्ट सौंपी और अदालत ने सरकार तथा नगर निकाय को उनके सुझाव पर विचार करने और उसे लागू करने का आदेश दिया।

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