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सुप्रीम कोर्ट में बोला वक्फ बोर्ड, ताजमहल पर हमारा हक नहीं, ये तो खुदा की संपत्ति है

ताजमहल

ताजमहल को अपनी प्रॉपर्टी बताने वाला सुन्नी वक्फ बोर्ड अब थोड़ा नरम पड़ गया है। वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि ताजमहल को अब वो अपनी प्रॉपर्टी होने का दावा नहीं करते। मंगलवार को वक्फ पोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से ये बात कही है। दरअसल ताजमहल पर हक को लेकर सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड और ASI (भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग) आमने सामने हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए वक्फ बोर्ड ने कहा कि ताजमहल पर किसी इंसान का हक नहीं हो सकता। इस पर को खुदा का हक है। 

सुन्नी वक्‍फ बोर्ड ने कहा कि हमारे पास ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि ताजमहल को हमारे नाम किया गया था, लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर ये कहा जा सकता है कि ये हमारी संपत्‍त‍ि है। केस की सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा , जज ए एम खानविलकर और जज धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की बेंच ने कहा कि आपने एक बार प्रॉपर्टी को रजिस्टर कर दिया है, लेकिन आप उसपर दावा नहीं कर रहे हैं। ये प्रॉपर्टी को अपने पास रखने का कोई आधार नहीं हो सकता। इस मामले में अब अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। 

इससे पहले 11 अप्रैल को कई सुनवाई में कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की दावेदारी जताने पर शाहजहां के हस्ताक्षर वाला डॉक्यूमेंट पेश करने को कहा था। 
 

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  • Web Title:Would not stake claim to Taj Mahal Sunni Wakf Board tells Supreme Court