पटमदा में प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ मना आदिवासी दिवस
पटमदा में विश्व आदिवासी दिवस पर प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय वृक्ष साल के पौधे लगाए गए और वीर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। आयोजकों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ आदिवासी संस्कृति को बचाने का संकल्प लिया।

पटमदा, संवाददाता विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को पटमदा थाना परिसर में प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान झारखंड के राजकीय वृक्ष साल के पौधे लगाए गए। वीर शहीद तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया। अंचल निरीक्षक अजय कुमार मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली श्रम, सादगी, स्वाभिमान और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित रही है। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आदिवासी संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है। यह आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि फसलों, जंगल, नदी, पहाड़ और पृथ्वी को उनके प्राकृतिक स्वरूप में बचाए रखना ही आदिवासी जीवन-दर्शन की मूल भावना है।कार्यक्रम
में उपस्थित लोगों ने जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण संरक्षण के साथ आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को बचाने का संकल्प लिया। मौके पर देश पारानिक जितु मुर्मू, एसआई गंदुर उरांव, एएसआई प्रशांत कुमार, सुखराम हेंब्रम, हर्मन लांग, विजय कुमार, सागर माण्डी, सुकदेव हेंब्रम, जितेंद्र मुर्मू, अजय मुर्मू, शंकर सोरेन व सुभाष हेंब्रम समेत अन्य लोग उपस्थित थे।


