विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा सदर अस्पताल में किया गया कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा सदर अस्पताल में किया गया कार्यक्रम

मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा सदर अस्पताल में किया गया कार्यक्रम भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के थीम चेंजिंग ऑफ नेरेटिव ऑन सुसाइड पर मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा गुरुवार को सदर अस्पताल में कार्यक्रम किया गया। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम क्लिनिकल साइकोलॉजी भावना गुप्ता ने कहा कि युवा पीढ़ी पर बढ़ते मानसिक दबाव, शैक्षणिक और मानसिक तनाव, परीक्षा में असफलता का डर, अत्यधिक उम्मीदें और करियर की अनिश्चितता, आर्थिक और सामाजिक कारक, बेरोजगारी, गरीबी, पारिवारिक विवाद,घरेलू हिंसा आत्महत्या के कारण बन रहे हैं। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य इकाई में आए मरीजों, उनके परिवार एवं अन्य लोग शामिल हुए। भावना गुप्ता ने बताया कि आत्महत्या से पहले कई संकेत मिलते हैं।
खोए- खोए रहना, नकारात्मक बातें करना, लोगों के बीच रहकर भी खुश नहीं रहना, अपने आप को निरर्थक समझना, हीन भावना से ग्रसित होना, क्रोधी स्वभाव होना, नकारात्मक स्थिति में मरने की चर्चा करना आदि इसके लक्षण हैं। ऐसे लक्षण मिलने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। उन्होंने टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर अपनी समस्या बताकर मदद लेने की बात कही। विभाग की वार्ड असिस्टेंट रंजना कुमारी द्वारा लोगों को उपचार के लिए प्रेरित किया।


