‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ की संकल्पना को करें साकार
गिरिडीह में विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता अभियान का उद्घाटन किया गया। यह अभियान 10 अगस्त तक चलेगा। राष्ट्रपति मुनिया देवी ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। सभी दंपतियों से परिवार नियोजन सेवाएं अपनाने की अपील की गई।

गिरिडीह। जिला परिषद की अध्यक्ष मुनिया देवी, डीडीसी स्मृता कुमारी, सीएस डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह, कल्याण पदाधिकारी जयप्रकाश मेहरा और जनसम्पर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने शनिवार को चैताडीह एमसीएच के समारोह से विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता अभियान का उद्घाटन किया। यह अभियान 10 अगस्त तक संचालित होगा। राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस वर्ष अभियान की थीम जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखी गई है। किसने क्या कहा:
जनसंख्या स्थिरता का महत्व
जिप अध्यक्ष ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है। परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति व्यापक जन जागरूकता से ही स्वस्थ एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों से छोटे परिवार के महत्व को समझने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित परिवार कल्याण सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
अभियान का उद्देश्य
डीडीसी ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता अभियान का उद्देश्य प्रत्येक दंपति को परिवार नियोजन संबंधी सही जानकारी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता से ही अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों से अभियान के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता सुनिश्चित करने की नसीहत दी। कार्यक्रम के दौरान विषयों पर जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को परिवार नियोजन अपनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने, स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
सम्मानित पदाधिकारी और कर्मी
परिवार नियोजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले पदाधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं प्रेरकों को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी योग्य दंपतियों एवं नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाएं। स्वस्थ, सुरक्षित एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


