पीयू : स्वास्थ्य, समानता और शिक्षा युवाओं के सफलता के स्तंभ
पटना विवि में जनसंख्या अनुसंधान केंद्र ने 'स्वास्थ्य, समानता और अवसर से युवा आकांक्षाओं का समर्थन' विषय पर विश्व जनसंख्या दिवस मनाया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तीकरण पर जोर दिया। सरकार के ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। शोधार्थियों ने युवा समस्याओं और अवसरों पर विचार साझा किए।

जनसंख्या अनुसंधान केंद्र (पीआरसी) पटना विवि ने शनिवार को 'स्वास्थ्य, समानता और अवसर से युवा आकांक्षाओं का समर्थन' विषय पर विश्व जनसंख्या दिवस मनाया। केन्द्र के मानद निदेशक डॉ. अमित कुमार ने स्वागत भाषण में वैश्विक जनसंख्या एवं जनसांख्यिकीय चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। मुख्य वक्ता डॉ. दिलीप कुमार (पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर) योजना एवं विकास विभाग के डेमोग्राफिक विशेषज्ञ) ने स्वास्थ्य, समानता, अवसर, शिक्षा और सशक्तीकरण को युवा सफलता के पांच प्रमुख स्तंभ बताते हुए स्कूली स्तर पर तकनीकी कौशल पर जोर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. जयंत कुमार बसु (स्टेट कंसल्टेंट, यूनिसेफ) ने बिहार में ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रगति बताई, लेकिन निजी अस्पतालों में पंजीकरण को बड़ी चुनौती करार दिया।
केन्द्र के रिसर्च इन्वेस्टिगेटर डॉ. जितेंद्र कुमार ने ट्रिलियन अर्थव्यवस्था में युवाओं की आशाओं व बाधाओं पर प्रकाश डाला। मौके पर डॉ. सत्येंद्र यादव, डॉ. मनोज रस्तोगी, कृष्ण राज, अरुण सिन्हा, अंजलि सहित शोधार्थी रहे। डॉ. खुशबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


