ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशमार्च 2022 तक भारत में बनकर तैयार हो जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने बताया प्लान

मार्च 2022 तक भारत में बनकर तैयार हो जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने बताया प्लान

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार दुनिया के सबसे लंबे राजमार्ग, यानी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस राजमार्ग का निर्माण कर रही है। इस कार्यक्रम में बोलते...

मार्च 2022 तक भारत में बनकर तैयार हो जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने बताया प्लान
एजेंसी,नई दिल्ली।Sat, 18 Sep 2021 08:37 AM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार दुनिया के सबसे लंबे राजमार्ग, यानी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस राजमार्ग का निर्माण कर रही है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, गडकरी ने कहा, "एक्सप्रेसवे 1,380 किमी लंबा होगा और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक जाएगा, लेकिन अब, हम इसे नरीमन पॉइंट तक ले जाने की भी योजना बना रहे हैं।"

उनके अनुसार, यह परियोजना मार्च 2022 तक पूरी हो जाएगी और भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा।

इस दौरान गडकरी ने कहा कि पहले ट्रक से मुंबई और दिल्ली के बीच की दूरी को तय करने में करीब 48 घंटे और कार से 24-26 घंटे लगते थे। लेकिन अब, दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी को ट्रक से 18-20 घंटे और कार से केवल 12-13 घंटे लगेंगे।

उन्होंने कहा, "यह राजमार्ग राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के आदिवासी जिलों से होकर गुजर रहा है। इससे इन क्षेत्रों का विकास होगा। लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।''

एक्सप्रेसवे दिल्ली के शहरी केंद्रों को कॉरिडोर के दिल्ली-फरीदाबाद-सोहना खंड के साथ-साथ जेवर हवाई अड्डे और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को मुंबई में एक स्पर के माध्यम से जोड़ेगा।

गडकरी को यूट्यूब से मिलती है हर महीने चार लाख की रॉयल्टी
गुजरात के  भरूच में एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि यूट्यूब पर डाले गये उनके व्याख्यानों के वीडियो की रॉयल्टी के रूप में उन्हें हर महीने चार लाख रुपये मिलते हैं। महामारी के दौरान यूट्यूब पर डाले गये उनके वीडियो को देखने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। भरूच में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) के काम में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सड़क बनाने वाले ठेकेदारों और परामर्शदाताओं को रेटिंग देनी शुरू की है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि कोविड-महामारी के दौरान उन्होंने दो काम किये। उन्होंने कहा, ''मैं घर पर खानसामा बन गया और वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से व्याख्यान देने लगा। मैंने ऑनलाइन 950 से अधिक व्याख्यान दिये। इसमें विदेशी विश्विद्यालयों के छात्रों के लिये दिये गये व्याख्यान शामिल हैं। उन्हें यूट्यूब पर अपलोड किया गया।'' उन्होंने कहा, ''यूट्यूब चैनल पर मेरे दर्शकों की संख्या काफी बढ़ी है और यूट्यूब अब मुझे हर महीने चार लाख रुपये रॉयल्टी के रूप में दे रहा है।''

अपनी बेबाक राय देने के लिए जाने जाने वाले गडकरी ने कहा कि भारत में जो लोग अच्छे काम करते हैं, उन्हें सराहना नहीं मिलती है। मंत्री ने आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के नेटवर्क के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात में 35,100 करोड़ रुपये की लागत से 423 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। गडकरी ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के तहत राज्य में 60 बड़े पुल, 17 इंटरचेंज, 17 फ्लाईओवर और आठ रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाए जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे पर विश्व स्तरीय परिवहन सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सड़क किनारे सुविधाओं आदि से जुड़े 33 केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें