

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को लेकर विश्व बैंक की सात सदस्यीय टीम रविवार को शहर पहुंची। टीम ने प्रस्तावित रिवर फ्रंट व सेटेलाइट टाउनशिप के अलावा सिकंदरपुर लेक फ्रंट का स्थल निरीक्षण किया। वहां नई संभावनाओं की तलाश की गई। भौगोलिक पहलू के साथ ही परिवहन व अन्य पहलुओं पर जानकारी ली।
स्थल निरीक्षण के बाद टीम ने कंपनीबाग स्थित स्मार्ट सिटी के ऑफिस में बैठक की। इसमें परियोजनाओं की व्यवहार्यता, वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्तमान के साथ भविष्य की संभावनाओं के बीच आबादी, संसाधन, परिवहन व अन्य पहलुओं पर मंथन किया। इस दौरान उप नगर आयुक्त स्वरा, सिटी मैनेजर रीतेश कुमार, स्मार्ट सिटी के सीनियर मैनेजर (तकनीकी) प्रेमदेव शर्मा, मैनेजर शशांक झा और सुभाष पंडित मौजूद रहे।
प्रस्तावित रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को लेकर टीम लकड़ीढ़ाई से लेकर दादर पुल तक गई। नदी के दोनों तटों व उसके आसपास की भौगलिक, आवासीय व अन्य स्थितियों को देखा। स्थल निरीक्षण के क्रम में परियोजना को लेकर अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की।
दरअसल, पूर्व में रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद मेयर निर्मला देवी ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से बात की थी। स्थानीय सांसद व केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने भी पहल की बात कही थी। आखिरकार कुछ समय पहले नए सिरे से बुडको को डीपीआर बनाने की जिम्मेवारी दी गई है। अब विश्व बैंक की टीम के आने के बाद परियोजना रफ्तार पकड़ सकती है।
प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप को लेकर विश्व बैंक की टीम कांटी में एनएच पर पहुंची। आसपास के कुछ इलाकों का भ्रमण करके सड़क की कनेक्टिविटी, आबादी व अन्य संसाधनों को देखा। टाउनशिप क्षेत्र में भूमि की उपलब्धता, वर्तमान स्थिति और विकास की संभावनाओं को अधिकारियों के साथ विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के बाद टीम लौट गई।
लेक फ्रंट, रिवर फ्रंट व सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना मुजफ्फरपुर के समग्र विकास को नई दिशा देगी। विश्व बैंक की टीम ने स्थल निरीक्षण किया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर में आधुनिक सुविधाएं बढ़ेंगी। पर्यटन बढ़ने के साथ लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।
- ऋतुराज प्रताप सिंह, नगर आयुक्त सह एमडी, एमएससीएल
- निर्माण की संभावना को लेकर विश्व बैंक की टीम ने लिया जायजा
- धोबी घाट के पास कमजोर वर्ग के लिए आवासीय परिसर
- झील के पानी के संरक्षण को होगी वाटर एरेटर की व्यवस्था
- स्कल्पचर गार्डेन को सराहा, ओपन एयर थिएटर भी देखी
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता।
विश्व बैंक की टीम ने सबसे पहले लेक फ्रंट का जायजा लिया। चप्पे-चप्पे को देखते हुए सात संभावनाओं की तलाश की। इसमें लेक फ्रंट की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए कर्बला रोड में आर्च गेट के निर्माण के अलावा लेक एक को छोटे वाटर पार्क के लिए उपयुक्त पाया।
टीम ने लेक दो में धोबी घाट के पास आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आवासीय इंतजाम की संभावना को परखा। लेक दो के मध्य में आधुनिक एक्वेरियम बनाने के अलावा झील के पानी के संरक्षण को लेकर वाटर एरेटर की व्यवस्था को जरूरी माना गया। वाटर फाउंटेन, लेजर शो आदि की भी संभावना का पता लगाया। विदेशी टीम ने नवनिर्मित कम्युनिटी हॉल व बोट क्लब से लेकर ओपन एयर थिएटर तक को देखा। लेक में बने स्कल्पचर गार्डेन की सराहना की। मौके पर स्मार्ट सिटी के मैनेजर शशांक झा व अन्य अधिकारी रहे।
::::::::: लेक फ्रंट : 7 संभावनाओं पर विश्व बैंक की टीम की नजर ::::::::
1.) मरीन ड्राइव के पास लेजर शो
2.) झील में वाटर फाउंटेन
3.) झील के जल संरक्षण को वाटर एरेटर
4.) लेक एक में छोटा वाटर पार्क
5.) लेक दो में आधुनिक एक्वेरियम
6.) कर्बला रोड पर आर्च ब्रीज
7.) धोबी घाट के पास गरीबों का आवासीय परिसर।