गंभीर मरीजों के इलाज में अल्ट्रासाउंड के इस्तेमाल पर कार्यशाला

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

रांची में ऑर्किड मेडिकल सेंटर में ईजेडसीसीकॉन-2026 के अंतर्गत पीओसीयूएस कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला का विषय 'बुनियादी पीओसीयूएस से आगे बढ़ना' था। विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अल्ट्रासाउंड तकनीक पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों के निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना था।

गंभीर मरीजों के इलाज में अल्ट्रासाउंड के इस्तेमाल पर कार्यशाला

रांची, वरीय संवाददाता। ऑर्किड मेडिकल सेंटर रांची में ईजेडसीसीकॉन-2026 के तहत प्वाइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (पीओसीयूएस) कार्यशाला शुक्रवार को हुई। इसका उद्घाटन ऑर्किड मेडिकल सेंटर के अध्यक्ष डॉ. एससी जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता, क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. दीपक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कर्नल अंजनी कुमार आदि की मौजूदगी में हुआ। कार्यशाला का आयोजन रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से किया गया। इसका विषय ‘बुनियादी पीओसीयूएस से आगे बढ़ना और इसे चिकित्सकीय निर्णयों में शामिल करना’ रखा गया था। कार्यशाला में गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान बिस्तर के पास ही अल्ट्रासाउंड जांच के उपयोग और इसके आधार पर उपचार संबंधी निर्णय लेने के बारे में चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान हृदय, फेफड़े, पेट और रक्त वाहिकाओं के अल्ट्रासाउंड के साथ-साथ शिरापरक प्रणाली, हृदय संबंधी आपात स्थिति, शॉक और सेप्सिस से जुड़े प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, मरीजों के मामलों का अध्ययन और विशेषज्ञों से चर्चा का अवसर भी मिला। कार्यशाला में डॉ. अभय कुमार, डॉ. कुंदन कुमार और डॉ. हृषिकेश झा समेत विभिन्न विशेषज्ञों ने सत्र संचालित किए। इसके लिए एनेक्सचर भवन में विशेष अल्ट्रासाउंड कक्ष बनाए गए थे। यहां प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया, जबकि प्रशिक्षण कक्ष में लाइव प्रसारण के माध्यम से अन्य प्रतिभागियों ने भी सत्र देखा। आयोजकों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य गंभीर मरीजों के इलाज में आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा देना और चिकित्सकों के निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाना है।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsगंभीर मरीजों के इलाज में अल्ट्रासाउंड के इस्तेमाल पर कार्यशाला