जनजातीय महिलाओं में नेतृत्व की अपार क्षमता : डॉ. आशा लकड़ा
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में महिला शिक्षा और संस्कार पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया, जबकि प्रो. गौतम सूत्रधार ने महिलाओं के नेतृत्व की आवश्यकता को बताया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिला शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में बुधवार को महिला शिक्षा और संस्कार : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य-दृष्टि विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं में नेतृत्व की अपार क्षमता है। आवश्यकता है कि उनकी प्रतिभा, परंपरागत ज्ञान और अनुभव को उचित अवसर एवं मंच मिले। संगोष्ठी में डॉ. लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समाज में महिलाएं परिवार, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामुदायिक जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और परंपराओं के संरक्षण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनजातीय महिलाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. लकड़ा ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को अपने अधिकारों, संवैधानिक प्रावधान और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाती है। इसके साथ ही कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और तकनीकी ज्ञान के अवसर उपलब्ध कराकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय महिलाओं की आवाज को विकास की मुख्यधारा में उचित स्थान मिलना चाहिए। विकास के साथ जनजातीय संस्कृति, परंपरा और पहचान का संरक्षण भी आवश्यक है।
देश भर के शिक्षाविद्, विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए
आयोजन में देश भर के शिक्षाविद, विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जो महिला शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर विचार साझा कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. शीतल कुमारी ने की। इस अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ. शुक्ला महंती, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय संयोजिका शोभा पाठक, एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पंकज मित्तल सहित कई अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी ने किया।
विकसित राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. सूत्रधार
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद का नाम नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी लेने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है।
तकनीकी सत्र में भविष्य की दिशा पर मंथन
संगोष्ठी के पहले दिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में 21वीं सदी की महिला शिक्षा : संस्कार, मूल्य और सामाजिक परिवर्तन पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि द्वितीय सत्र में महिला शिक्षा : परंपरा, आधुनिकता और पाठ्यक्रम की भारतीय दृष्टि पर चर्चा की गई। संगोष्ठी के दूसरे दिन ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और समकालीन चुनौतियों पर सत्र आयोजित होंगे। संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिला शिक्षा को राष्ट्र निर्माण और संस्कारों से जोड़कर व्यापक दृष्टिकोण विकसित करना है।


