दो दिन में सरकारी बसों से 35000 बहनों ने की मुफ्त यात्रा
पडरौना, निज संवाददाता। रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का बहनों ने जमकर लाभ उठाया।

पडरौना, निज संवाददाता।
रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का बहनों ने जमकर लाभ उठाया। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए मायके जाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ने से रोडवेज बसों में जबरदस्त भीड़ रही। दो दिन में जिले के विभिन्न बस स्टेशनों और प्रमुख मार्गों से 35 हजार से अधिक महिलाओं ने अपने अटेंडेंट के साथ मुफ्त यात्रा की है। यात्रियों की संख्या यकायक बढ़ने से कई बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। सीट के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही।
महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
पडरौना डिपो की 61 बसों को लगाया गया है। इसमें परिवहन निगम की 43 व अनुबंधित 18 बसें शामिल हैं। रक्षाबंधन के मद्देनजर रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था लागू होते ही बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। खासकर कुशीनगर से गोरखपुर, पडरौना, कसया, हाटा, रामकोला, कप्तानगंज, तमकुहीराज, फाजिलनगर और देवरिया की ओर जाने वाली बसों में काफी भीड़ रही। सुबह से ही बसों के इंतजार में यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं के साथ उनके बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के यात्रा करने से बसों में भीड़ और बढ़ गई। बस के पहुंचते ही यात्री सीट पाने के लिए चढ़ने को लेकर जल्दबाजी करते नजर आए। कई बसों में खड़े होकर यात्रा करने वालों की संख्या भी काफी रही। भीड़ अधिक होने के कारण बसों के अंदर यात्रियों को एक-दूसरे से सटकर खड़ा होना पड़ा। सरकार की व्यवस्था के तहत महिलाओं के साथ निर्धारित अटेंडेंट को भी यात्रा की सुविधा मिलने से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिजनों के साथ मायके पहुंचीं। इससे रक्षाबंधन पर बहनों के लिए यात्रा आसान हुई। सामान्य दिनों की अपेक्षा बसों में महिलाओं की संख्या कई गुना बढ़ गई। कई परिवारों ने निजी वाहन या अन्य साधनों के बजाय सरकारी बस से यात्रा करना पसंद किया। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज की ओर से अतिरिक्त बसों के संचालन और उपलब्ध बसों के अधिकतम उपयोग की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भीड़ कम नहीं हुई। बस के आते ही उसमें बैठने के लिए यात्रियों में होड़ मच जा रही थी। कुछ स्थानों पर बस पूरी तरह भर जाने के बाद भी यात्रियों को अगले फेरे का इंतजार करना पड़ा। मुफ्त यात्रा की सुविधा महिलाओं के लिए राहत भरी रही, लेकिन अत्यधिक भीड़ के चलते अन्य यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों में सीट न मिलने के कारण बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं के साथ यात्रा कर रहे पुरुष यात्रियों को भी काफी देर तक खड़े होकर सफर करना पड़ा। भीड़ के कारण कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। रक्षाबंधन को देखते हुए यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। महिलाओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए बसों के संचालन पर जिम्मेदारों ने लगातार नजर रखा। दो दिन में 35 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा अटेंडेंट के साथ यात्रा किए जाने से इस सुविधा के प्रति महिलाओं में उत्साह रहा। महिलाओं की यात्रा 27 अगस्त की सुबह छह बजे से 29 की आधी रात 12 बजे तक बसें चलेगी। पहले दिन 15 हजार व दूसरे दिन 20 हजार महिलाओं ने यात्रा किया है। यात्रियों को बढने पर अतिरिक्त बसों का संचालन करना पड़ा।
योजनाओं का सफल कार्यान्वयन
सरकारी बसों का महिलाओं ने अटेंडेंट के साथ जमकर फायदा हुआ है। दो दिन में 35 हजार से अधिक महिलाओं ने सहयोगियों के साथ यात्रा की है। सरकार की यह योजना शनिवार की आधी रात तक जारी रहेगा।
जयप्रकाश प्रधान, एआरएम पडरौना डिपो


