DA Image
4 मार्च, 2021|3:17|IST

अगली स्टोरी

वॉकी-टॉकी और एक जीप के साथ इस तरह सिंघु बॉर्डर पर 10 लोगों ने संभाला सुरक्षा का मोर्चा

farmers

लगभग डेढ़ माह से केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों कि खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का प्रदर्शन जारी है। हालांकि कई बैठकों के बाद भी किसानों और सरकार के बीच कोई समझौता नहीं हो सका है। गुरुवार को, जब सैकड़ों किसानों ने इसके विरोध में एक ट्रैक्टर मार्च निकाला, तो एक सुरक्षा वाहन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरअसल, संदिग्ध पॉकेटमारों से निपटने से लेकर बीमार लोगों को एम्बुलेंस में ले जाने तक, और भीड़भाड़ वाले सात किलोमीटर लंबे किसानों के विरोध स्थल तक गश्त करने से लेकर इस मार्ग पर ट्रैफिक साफ करने तक के लिए, वॉकी-टॉकीज से लेस खुली जीप में 10 लोगों के एक समूह ने सिंघू बॉर्डर पर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संभाली।

सुरक्षाकर्मियों में से एक मनदीप सिंह गिल हाल में हुई ट्रैक्टर रैली को लेकर कहते हैं, "हम ट्रैक्टरों के साथ-साथ चले और बार-बार पीछे जाकर सुनिश्चित किया कि कतार कही टूटी तो नहीं है। "सुरक्षा दल" ने साइट पर अपनी उपस्थिति में कोई कसर नहीं छोड़ी। जीप के ऊपर एक बड़ा एलईडी बोर्ड अंग्रेजी ''सिक्योरिटी पेट्रोल'' शब्द लगातार रोल कर रहा था। सुरक्षा वाहन का उपयोग करने वाले किसान लाउडस्पीकर और हूटर का उपयोग कर रहे थे ताकि उनके आगमन की घोषणा की जा सके।

सुरक्षा के लिए दी प्राइवेट जीप

किसान भी सुरक्षा व्यवस्था प्रदान कर रहे हैं। यहां दिल्ली से नंबर से रजिस्टर्ड एक जीप पंंजाब के जालंधर के भोगपुर के गुरदीप सिंह सिद्धू की है। सिद्धू  ने बताया “मैं जालंधर में एक निजी वाहन के रूप में जीप का उपयोग कर रहा था। लेकिन जल्द ही किसानों ने मार्च के लिए जुटना शुरू कर दिया, मुझे पता था कि सुरक्षा के मुद्दे होंगे। इसलिए मैंने सुरक्षा गश्ती के रूप में उपयोग के लिए अस्थायी रूप से अपना वाहन दान कर दिया।

24 घंटे काम कर रहा सुरक्षा दल

गिल ने बताया कि हमारा सुरक्षा दल 24 घंटे काम करता है। पूरे इलाके के किसानों के पास सुरक्षा टीम के फोन नंबर हैं और उन्हें  परेशानी के समय फोन करना पड़ता है। ''गिल ने कहा कि इन सुरक्षा बलों का कहना है, अन्य वाहनों और यहां स्थापित टेंट के बीच से वाहनों की आवाजाही के लिए यातायात को साफ करने सबसे मुश्किल काम है। चूंकि हम पूरे मार्ग के बारे में पूरी तरह से जानते हैं, इसलिए हम ऐसे किसी भी बिंदु पर जल्दी पहुंचने में सक्षम हैं। कुछ हफ्तों में हमने सीखा है कि ट्रैफिक को कैसे साफ किया जाए।

उन्होंने कहा कि दिन में, हमारे इस वाहन में छह सुरक्षाकर्मी गश्त करते हैं। रातों में, आमतौर पर सिर्फ दो या तीन लोग ही चक्कर लगाते हैं। जबकि दिल्ली पुलिस सिंघू बॉर्डर के विरोध स्थल के एक छोर पर तैनात है, उन्होंने एक सुरक्षित दूरी बनाए रखी है। अधिकांश विरोध स्थल हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस केवल बाहरी क्षेत्रों की रखवाली कर रही है और विरोध करने वाले किसानों के साथ नहीं मिलती है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:With a walkie talkie and a jeep 10 people took the security front on the Singhu border like this farmers protest agriculture law