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बढ़ेंगी रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें? संजय भंडारी केस में भी आया नाम, ईडी ने लगाए बड़े आरोप

रॉबर्ट वाड्रा का नाम अब संजय भंडारी और सीसी थांपी केस में भी आया है। ईडी ने चार्जशीट मे वाड्रा का भी नाम लिखा है। पहली बार इन मामलों में वाड्रा का नाम आया है।

बढ़ेंगी रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें? संजय भंडारी केस में भी आया नाम, ईडी ने लगाए बड़े आरोप
Ankit Ojhaहिंदुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीTue, 26 Dec 2023 11:59 PM
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ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा ने लंदन स्थित एक प्राइम प्रॉपर्टी का हाल ही में रेनोवेशन करवाया है। जबकि यह प्रॉपर्टी पहले से ही भगौड़े हथियार डीलर संजय भंडार से संबंधित थी। इस बंगले में रॉबर्ट वाड्रा ठहरे भी थे। इसके अलावा एजेंसी का कहना है कि यूएई के कारोबारी सीसी थांपी के साथ मिलकर वाड्रा ने फरीदाबाद में कई संपत्तियां खरीदीं। थांपी को जनवरी 202 में गिरफ्तार भी किया गया था। वाड्रा और थांपी के बीच कई ट्रांजैक्शन हुए हैं। 

एनआरआई कारोबारी थांपी के खिलाफ चार्जशीट फाइल करते हुए जांच एजेंसी ने ये दावे किए। इसके अलावा ईडी ने ब्रिटिश नागरिक सुमित चड्ढा के खिलाफ भी चार्जशीट फाइल की है। बताया जा रहा है कि वह भंडारी का भाई है। ईडी की चार्जशीट के बाद दिल्ली की अदालत ने चड्ढा के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी कर दिया है। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा का नाम चार्जशीट में आरोपी के तौर पर नहीं लिखा गया है। 

ईडी ने कई बारा दावा किया है कि लंदन में रॉबर्ट वाड्रा की 19 लाख पाउंड की संपत्ति है जिसे दुबई के कारोबारी और हॉलिडे ग्रुप के चीफ थांपी की मदद से खरीदा गया है। ईडी ने चार्जशीट में कहा, जांच में पता चला है कि संजय भंडारी की कई संदिग्ध विदेशी कमीई हैं। सीसी थांपी और सुमित चड्ढा दोनों ही अपराध में शामिल हैं। वाड्रा के बारे में कहा गया कि थांपी के रॉबर्ट वाड्रा से भी गहरे संबंध पाए गए हैं। 

चार्जशीट के मुताबिक भंडारी ने यूएई और यूके के लोगों को भारत से बाहर प्रॉपर्टी खरिदवाने में मदद करने के लिसए एक वेब एटिटी बनाई थी। इसका नाम स्काई लाइट इन्वेस्टमेंट एफजेडई था। बाद में इस कंपनी का नाम भी बदला गया। थांपी इस कंपनी के मुख्य शेयरहोल्डर थे। ईडी ने कहा है कि इस बात का शक है कि यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोलियम डील के बदले लंदन की संपत्ति पर कब्जा किया गया था। 

ईडी का कहना है कि भंडारी 2016 में नेपाल के रास्ते यूके भाग गया था। इसके बाद एनडीए सरकार के दौरान ऑफिशल सेक्रेट ऐक्ट के तहत भंडारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बता दें कि भंडारी के खिलाफ, ईडी, सीबीआई, आईटी और दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। भारत सरकार ने यूके को भंडारी के लिए प्रत्यर्पण आग्र्ह भी भेजा था। इसके बाद 2020 में ब्रिटिश प्रशासन ने ही भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। 

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