ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशक्या MSP को मिलेगी कानूनी मंजूरी? किसानों से सरकार की चौथे दौर की बैठक; भगवंत मान भी हुए शामिल

क्या MSP को मिलेगी कानूनी मंजूरी? किसानों से सरकार की चौथे दौर की बैठक; भगवंत मान भी हुए शामिल

किसानों ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी प्रदान करने के लिए एक अध्यादेश की मांग की है। इस मांग को लेकर बीते छह दिनों से किसानों का प्रोटेस्ट जारी है।

क्या MSP को मिलेगी कानूनी मंजूरी? किसानों से सरकार की चौथे दौर की बैठक; भगवंत मान भी हुए शामिल
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Sun, 18 Feb 2024 10:56 PM
ऐप पर पढ़ें

किसानों के विरोध प्रदर्शन के छठे दिन आज किसानों और सरकार के बीच चौथे दौर की बातचीत चल रही है। बैठक में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रियों के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। इस बैठक से पहले किसानों ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी प्रदान करने के लिए एक अध्यादेश की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को घोषणा की कि किसान एमएसपी को कानूनी गारंटी सहित अपनी मांगों को लेकर 21 फरवरी को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में धरना देंगे।  

टाल-मटोल न करें मंत्री: किसान नेता
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ रविवार को बातचीत से पहले कहा कि केन्द्र सरकार को टाल-मटोल की नीति नहीं अपनानी चाहिए और आचार संहिता लागू होने से पहले किसानों की मांगें माननी चाहिए। लोकसभा चुनाव की घोषणा अगले माह की जा सकती है। फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों पर तीन केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच शाम को बैठक होनी है।

यह बैठक ऐसे वक्त में होनी है, जब हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात हैं। किसान नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच इससे पहले आठ, 12 और 15 फरवरी को भी बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही। डल्लेवाल ने शंभू सीमा पर संवावदाताओं से कहा, ''हम सरकार से कहना चाहते हैं कि वह टाल-मटोल की नीति न अपनाये।''

'हमारी मागों का समाधान तलाशे सरकार'
डल्लेवाल ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि वह आचार संहिता लागू होने तक बैठकें जारी रखेगी और फिर कहेगी कि आचार संहिता लागू हो गई है और हम कुछ नहीं कर सकते ....(फिर भी) ''किसान वापस नहीं लौटेंगे।'' उन्होंने कहा, ''सरकार को आचार संहिता लागू होने से पहले हमारी मांगों का समाधान तलाशना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच शाम साढ़े पांच बजे बैठक शुरू होगी।
     
किसान नेता ने कहा कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल द्वारा प्रायोजित नहीं है, साथ ही उन्होंने फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के लिए अध्यादेश लाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की अपनी मांग दोहराई। एक अन्य किसान नेता सुरजीत सिंह फूल ने केंद्र पर हिरासत में लिये गए किसानों को रिहा करने और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं तथा किसान नेताओं के सोशल मीडिया खातों को बहाल करने के अपने आश्वासन को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें