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दिल्ली के बाद मुंबई में तूफानी आंधी, क्यों इतनी तेजी से बदल रहा मौसम; क्या है चेतावनी

यूपी, बिहार समेत देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से आंधी और तूफान की गतिविधियों को देखा जा रहा है। पिछले शुक्रवार को मणिपुर की इम्फाल घाटी में आए तूफान और ओलावृष्टि में दो लोगों की मौत हो गई।

दिल्ली के बाद मुंबई में तूफानी आंधी, क्यों इतनी तेजी से बदल रहा मौसम; क्या है चेतावनी
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली मुंबईTue, 14 May 2024 02:18 PM
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मुंबई में सोमवार को आए भीषण तूफान ने शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दौरान शहर के घाटकोपर इलाके में एक विशाल होर्डिंग जमीन पर आ गिरी, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। यह हादसा इसलिए इतना बड़ा था क्योंकि होर्डिंग एक पेट्रोल पंप पर गिरी थी। इससे पहले दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों में ऐसी ही धूल भरी आंधी आई थी। यूपी, बिहार समेत देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से आंधी और तूफान की गतिविधियों को देखा जा रहा है। पिछले शुक्रवार को मणिपुर की इम्फाल घाटी में आए तूफान और ओलावृष्टि में भी दो लोगों की मौत हो गई थी। 

इस तूफान में लगभग 90 kmph की तेज रफ्तार हवाओं ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जिससे आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। इस महीने मॉनसून से पहले कई तूफान आए हैं, मध्य और पूर्वी भारत में कई मॉनसून गतिविधियां भी देखी जा रही हैं। मॉनसून से पहले आए इस आंधी और तूफान के कारण में मौसम वैज्ञानिक अलग-अलग बता रहे हैं।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग(IMD) पुणे के जलवायु अनुसंधान एवं सेवा विभाग के प्रमुख के एस होसलिकर का कहना है कि ये सारी घटनाएं विशिष्ट प्री-मॉनसून गतिविधियां हैं, जो इस समय हम देश के कई राज्यों में देख रहे हैं। 

मुंबई में ऐसा क्या हुआ कि अंधेरा ही छा गया था

उन्होंने आगे कहा कि ये मेसोस्केल घटनाएं जिनका दायरा 40 से 50 किमी तक होता है। ये स्थानीय घटनाएं हैं साथ ही इनका दायरा भी बहुत कम रेंज का होता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों के लिए यह पहली प्री-मॉनसून बारिश थी। तेज गर्मी के कारण जमीन शुष्क थी और तेज़ हवाओं से धूल उड़ी जिसके कारण दृश्यता कम हो गई और आसपास धुंधला दिखाई देने लगा। होसलिकर ने आगे कहा कि कुल मिलाकर तीन चीजों ने तूफान को गंभीर बनाने में भूमिका निभाई। जमीन का बहुत गर्म होना, प्रचुर मात्रा में नमी रहना और वातावरण में अस्थिरता होना। इस कारण हवा की गति 50 से 60 KM प्रति घंटा की हो गई और तूफान की स्थिति बन गई। 

क्या अप्रैल में तेज गर्मी ने बिगाड़ दिए हालात 

प्री-मॉनसून सीजन सक्रिय होने का कारण तेज गर्मी और हवा में नमी की प्रचुर मात्रा है। अप्रैल में देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। विशेष रूप से पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में तेज गर्मी देखी गई है। तेज गर्मी हो रही है, इसलिए सतह का तापमान बढ़ रहा है, लेकिन यह एकमात्र कारक नहीं है। हवा में नमी भी प्रचुर मात्रा में है, यह भी एक कारण है। ऐसा लगातार हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकता है, जो अरब सागर से नमी का आना भी सुनिश्चित करता है। मौसम वैज्ञानिक कहते हैं कि इन दोनों कारणों ने मिलकर वायुमंडलीय अस्थिरता के लिए परिस्थितियों को अनुकूल बना दिया है जिस कारण प्री मॉनसून सीजन इतना सक्रिय है।