ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देशजो चला गया उसे दोषी ठहराना बहुत आसान, रेल हादसे पर अधिकारी ही क्यों उठा रहे बोर्ड के तर्कों पर सवाल

जो चला गया उसे दोषी ठहराना बहुत आसान, रेल हादसे पर अधिकारी ही क्यों उठा रहे बोर्ड के तर्कों पर सवाल

West Bengal Train Accident: रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा कि एक मालगाड़ी ने सिग्नल की अनदेखी कर कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी। यह मानवीय भूल लगती है

जो चला गया उसे दोषी ठहराना बहुत आसान, रेल हादसे पर अधिकारी ही क्यों उठा रहे बोर्ड के तर्कों पर सवाल
Pramod Kumarहिन्दुस्तान टाइम्स,कोलकाताMon, 17 Jun 2024 09:43 PM
ऐप पर पढ़ें

पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के करीब रंगापानी रेलवे स्टेशन के पास आज (सोमवार) हुई ट्रेन दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 के करीब लोग घायल हो गए। इस हादसे के कुछ घंटों बाद ही भारतीय रेलवे के शीर्ष अधिकारियों ने दावा किया कि यह दुर्घटना प्रथम दृष्टया एक मानवीय गलती थी।

रेलवे बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा, “एक मालगाड़ी ने सिग्नल की अनदेखी की और कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी। प्रथम दृष्टया यह मानवीय गलती प्रतीत हो रही है। हालांकि, छानबीन के बाद ही हम इसके बारे में और अधिक जानकारी हासिल कर सकेंगे।" उन्होंने कहा कि उसे (मालगाड़ी के ड्राइवर को) रुकना था लेकिन ऐसा लगता है कि वह नहीं रुका। यही भूल का पहला संकेत है।

इस हादसे में मालगाड़ी के ड्राइवर ए कुमार और कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड ए डे की मौत हो गई है। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट आने तक माल गाड़ी का सहायक चालक जीवित था, लेकिन उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।  रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने भले ही इसे प्रथम दृष्टया एक मानवीय भूल करार दे दिया हो लेकिन रेलवे अधिकारियों का एक समूह अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहते हैं कि इसके पीछे तकनीकी विफलताओं समेत अन्य कारक जिम्मेदार हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ऐसे हादसों में ऐसे व्यक्ति को दोषी ठहराना बहुत आसान है, जो मर चुका है क्योंकि वह अपना बचाव नहीं कर सकता।" उन्होंने कहा, “इस हादसे के पीछे की वजह तकनीकी खराबी भी हो सकती है। ऐसी खबरें भी हैं कि स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली में इंटरलॉकिंग प्रणाली में कुछ खराबी आ गई थी।” उन्होंने सवाल किया कि कंचनजंगा एक्सप्रेस को उस सेक्शन से गुजारे बिना मालगाड़ी को आगे जाने की इजाजत कैसे दी गई? अधिकारियों ने इस बात का भी संदेह जताया कि उस सेक्शन में इंटरलॉकिंग सिस्टम में भी दिक्कत हो सकती है क्योंकि उसे लॉक किया जाना चाहिए था।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “ऐसा कैसे हो सकता है कि ड्राइवर और सहायक ड्राइवर दोनों ही लाल और पीले सिग्नलों की अनदेखी कर दें और फिर तेज गति से दूसरी ट्रेन के पिछले हिस्से को टक्कर मार दें? कुछ सिग्नलिंग विफलता रही होगी।” 

इस बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर बंगाल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त इस हादसे के कारणों की तहकीकात करेंगे। उन्होंने कहा, "हम इस पर ध्यान केंद्रित करेंगे कि दुर्घटना किस कारण से हुई और यह भी देखेंगे कि ऐसी चीजें दोबारा न हों।" वैष्णव ने कहा कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर रेल परिचालन बहाल करना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।