PM नरेंद्र मोदी की अंगुली पकड़ क्या देख रहे थे नीतीश कुमार, वायरल हो रहा वीडियो
वीडियो में दिखता है कि नीतीश कुमार पीएम मोदी के बाएं हाथ की अंगुली देखते हैं, जिसमें वोटिंग के दौरान लगाई गई स्याही थी। यही नहीं इसके बाद वह पीएम मोदी को भी अपनी अंगुली दिखाते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी आज नालंदा यूनिवर्सिटी के कैंपस के उद्घाटन के लिए बिहार के राजगीर पहुंचे थे। इस दौरान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नीतीश कुमार उनकी अंगुली देख रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि नीतीश कुमार पीएम मोदी के बाएं हाथ की अंगुली देखते हैं, जिसमें वोटिंग के दौरान लगाई गई स्याही थी। यही नहीं इसके बाद वह पीएम मोदी को भी अपनी अंगुली दिखाते हैं, जिसमें स्याही लगी होती है। यह वाकया उस दौरान का है, जब कैंपस के उद्घाटन कार्यक्रम को नालंदा यूनिवर्सिटी के चांसलर अरविंद पनगढ़िया संबोधित कर रहे होते हैं।
इसी बीच कैमरा अचानक से पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार पर फोकस करता है। वीडियो में दिखता है कि नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के बाएं हाथ की अंगुली पकड़ रखी है और उसमें लगी स्याही देख रहे हैं। वह जब मोदी का हाथ पकड़ते हैं तो खुद पीएम भी सरप्राइज रह जाते हैं। यह नहीं पीछे बैठे सुरक्षा कर्मी भी इसे हैरानी से देखते हैं। यही नहीं इसके बाद नीतीश कुमार अपनी अंगुली भी पीएम मोदी को दिखाते हैं। यह वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे शेयर करते हुए कयास लगा रहे हैं कि आखिर दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई होगी।
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के 455 एकड़ के कैंपस का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि तीसरे टर्म में 10 दिनों के अंदर ही यहां का दौरा करना अच्छी बात है और देश के विकास के लिए अहम है। यही नहीं नालंदा यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भले ही पुस्तकों को जला दिया जाए, लेकिन ज्ञान को जलाया नहीं जा सकता। पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे शपथ के 10 दिनों के अंदर ही नालंदा आने का मौका मिला है। यह मेरे लिए भाग्य की बात है। मैं इसे देश के विकास के लिए भी शुभ संकेत के तौर पर देखता हूं।'
कितनी खास है नई बनी नालंदा यूनिवर्सिटी
बता दें कि नालंदा यूनिवर्सिटी को उसी स्थल पर बसाया गया है, जहां प्राचीन काल में विश्वविद्यालय था। इस नई बनी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के परिसर में दो अकादमिक ब्लॉक होंगे। इनमें 40 क्लासरूम होंगे और 1900 के करीब छात्रों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा छात्रों के लिए हॉस्टम और ऑडिटोरियम आदि की भी व्यवस्था रहेगी। इस यूनिवर्सिटी की बिजली व्यवस्था सोलर सिस्टम पर आधारित है।
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