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Hindi News देश'ऐरे-गैरे नहीं पूर्व उप राष्ट्रपति, गवर्नर और जज के परिवार से हूं', SC में मुख्तार अंसारी ने क्यों दी थी दलील

'ऐरे-गैरे नहीं पूर्व उप राष्ट्रपति, गवर्नर और जज के परिवार से हूं', SC में मुख्तार अंसारी ने क्यों दी थी दलील

Mukhtar Ansari Story: उत्तर प्रदेश  की योगी आदित्यनाथ सरकार मऊ, वाराणसी और गाजीपुर में दर्ज दर्जनों मामलों में मुख्तार अंसारी का ट्रायल कराना चाहती थी लेकिन पंजाब पुलिस उसे यूपी भेजने को तैयार नहीं थी

'ऐरे-गैरे नहीं पूर्व उप राष्ट्रपति, गवर्नर और जज के परिवार से हूं', SC में मुख्तार अंसारी ने क्यों दी थी दलील
mukhtar ansari and his grand family
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 29 Mar 2024 01:20 PM
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बात 2021 की है। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को लेकर पंजाब और उत्तर प्रदेश की सरकारें सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने आ गई थीं। दरअसल, उस वक्त मुख्तार अंसारी बहुजन समाज पार्टी का विधायक था और जबरन वसूली के एक मामले में पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। उत्तर प्रदेश  की योगी आदित्यनाथ सरकार मऊ, वाराणसी और गाजीपुर में दर्ज दर्जनों मामलों में मुख्तार अंसारी का ट्रायल कराना चाहती थी लेकिन पंजाब पुलिस इस तर्क पर उसे यूपी भेजने को तैयार नहीं थी कि मुख्तार अंसारी का स्वास्थ्य इस लायक नहीं है कि उसे यूपी तक भेजा जाय।

जब दोनों राज्य सरकारों के बीच मुख्तार को लेकर सहमति नहीं बनी, तब यूपी सरकार ने डॉन की कस्टडी लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। पंजाब की तत्कालीन अमरिंदर सिंह सरकार ने इस मामले में एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि  मुख्तार अंसारी को हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज समेत कई बीमारियां हैं। इस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है और उन्हें अभी यूपी नहीं भेजा जा सकता। इस मामले में तब यूपी सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जबकि पंजाब सरकार की तरफ से मुकुल रोहतगी ने जिरह की थी।

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इस अर्जी पर मुख्तार अंसारी की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया गया था, जिसमें मुख्तार अंसारी ने ना सिर्फ यूपी सरकार की अर्जी का विरोध किया था बल्कि आरोप लगाया था कि योगी सरकार एक प्रायोजित मुठभेड़ में उसे मारने की साजिश रच रही है। अपने हलफनामे में तब मुख्तार ने अपने परिवार के गौरवशाली अतीत का भी हवाला दिया था और कहा था कि वह उस परिवार का हिस्सा हैं, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान दिया है। इसके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी जैसे नेता उसके परिवार के अंग हैं।

मुख्तार अंसारी ने अपने हलफनामे  में तब कहा था कि योगी सरकार में उसकी जान को खतरा है और यूपी सरकार की अर्जी उसकी मौत का वारंट मांगने के लिए है। अंसारी ने अपनी वंशावली का उल्लेख करते हुए तब कहा था, "वह उस परिवार का हिस्सा हैं, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान दिया है। भारत को मुहम्मद हामिद अंसारी के रूप में उप राष्ट्रपति दिया है। शौकतुल्ला अंसारी के रूप में ओडिशा को एक राज्यपाल और न्यायमूर्ति आसिफ अंसारी के रूप में इलाहाबाद हाई कोर्ट को एक जज दिया है।" अंसारी ने हलफनामे में अपने पिता सुभानुल्लाह अंसारी का भी जिक्र किया था जो एक स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता थे।

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मुख्तार अंसारी ने तब सुप्रीम कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए ट्रायल की इजाजत देने की मांग की थी और कहा था कि यूपी में स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है,क्योंकि भाजपा नेताओं और राज्य सरकार की मिलीभगत से उसकी जिंदगी को वहां खतरा है। अंसारी ने बार-बार जोर देकर कहा था कि यूपी सरकार उसकी व्यक्तिगत हिरासत केवल उसे मारने के इरादे से मांग रही है। इस मामले में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को यूपी की जेल में शिफ्ट कराने का आदेश दिया था।