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2 सालों में फिर क्यों सुलगने लगा म्यांमार, पड़ोसी भारत के लिए कितनी चिंता की बात?

Myanamar Violence: बात साल 2021 की है। उस दौरान सेना ने आंग सान सू की की सरकार को बाहर कर शासन करना शुरू कर दिया था। तब से ही देश में लोकतंत्र समर्थक बलों और जुंटा सरकार के बीच हिंसा होती रही है।

2 सालों में फिर क्यों सुलगने लगा म्यांमार, पड़ोसी भारत के लिए कितनी चिंता की बात?
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 20 Nov 2023 05:38 AM
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म्यांमार में हालत बिगड़ते जा रहे हैं। साथ ही इसका असर अब भारत पर भी पड़ता नजर आ रहा है। दरअसल, हाल की घटना देखें, तो जुंटा विरोधी समूहों के हमले के बाद 29 सैनिक सीमा पार कर भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में पहुंच गए हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने हिंसा की घटनाओं पर भारी चिंता जाहिर की है और तत्काल इसे रोकने की अपील की है।

आखिर म्यांमार में क्या हो रहा है?
बात साल 2021 की है। उस दौरान सेना ने आंग सान सू की की सरकार को बाहर कर शासन करना शुरू कर दिया था। तब से ही देश में लोकतंत्र समर्थक बलों और जुंटा सरकार के बीच हिंसा होती रही है। अब अक्टूबर में इसका ग्राफ तेजी से बढ़ा। म्यांमार का एक समूह अराकन आर्मी ने रखाइन में हमले कर सैन्य सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

भागकर भारत आए म्यांमा के 29 सैनिकों को वापस भेजा गया
मिलिशिया समूह 'पीपुल्स डिफेंस फोर्स' (पीडीएफ) के साथ भीषण मुठभेड़ के बाद भागकर मिजोरम आए म्यांमा के 29 सैनिकों को रविवार को उनके देश वापस भेज दिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इसी के साथ मिलिशिया समूह द्वारा हालिया मुठभेड़ में सैन्य बलों के शिविरों पर कब्जे के बाद भारत आए म्यांमा के अब तक कुल 74 सैन्यकर्मियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। 

ये 29 सैनिक 16 नवंबर को भागकर उस समय मिजोरम आए थे, जब अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर म्यांमा के चिन राज्य के तुइबुअल में उनके शिविर पर पीडीएफ से संबद्ध एक स्थानीय मिलिशिया समूह 'चिन नेशनल डिफेंस फोर्स' (सीएनडीएफ) ने कब्जा कर लिया था।

27 अक्टूबर को अराकन आर्मी ने पूर्वोत्तर म्यांमार में बड़े स्तर पर हमले शुरू कर दिए थे। इसमें उनका साथ म्यांमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस आर्मी और तांआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी भी दे रही है। ये समूह इसे थ्री ब्रदरहुड अलायंस बता रहे हैं। म्यांमार के मिन्बाया, मॉन्गदौ, क्याक्तौ इलाकों में भी झगड़ों की खबरें आ रही हैं। इधर, म्यांमार की सेना की जवाबी एयर स्ट्राइक्स में करीब 11 आम नागरिकों की मौत हो गई है।

क्या बोला भारत
म्यांमार-भारत सीमा के पास हो रही हिंसा को लेकर भारत सरकार पहले ही चिंता जाहिर कर चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था, 'चिन राज्य के रिखौदार में झगड़े के परिणामस्वरूप भारत-म्यांमार सीमा पर मिजोरम के जौखतार के सामने भारतीय क्षेत्र में म्यांमार के नागरिकों की गतिविधियां देखी गई हैं।'

उन्होंने कहा, 'हम म्यांमार में शांति, स्थिरता और लोकतंत्र की बहाली की अपील करते हैं। 2021 में म्यांमार में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही बड़ी संख्या में म्यांमार के नागरिक भारत में शरण ले रहे हैं।' खास बात है कि म्यांमार भारत के साथ 1640 किमी की सीमा साझा करता है। कहा जा रहा है कि 2021 के बाद से ही 31 हजार से ज्यादा म्यांमार के नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं।

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