आधार कार्ड क्यों फेल हो रहे; बंगाल में अब नया बवाल, ममता ने चिट्ठी लिखकर मांगा पीएम से जवाब

Feb 19, 2024 08:51 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share Share
Follow Us on

पश्चिम बंगाल में अब ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच आधार कार्ड को लेकर ठन गई है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में आधार कार्डों के निष्क्रिय होने पर भाजपा की केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

आधार कार्ड क्यों फेल हो रहे; बंगाल में अब नया बवाल, ममता ने चिट्ठी लिखकर मांगा पीएम से जवाब

आधार कार्ड को लेकर पश्चिम बंगाल में बवाल मचा हुआ है। पिछले कुछ दिनों से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) बंगाल के लोगों के आधार को निष्क्रिय करने के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश की बात कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाला केंद्र उनके राज्य के लोगों के आधार कार्डों को निष्क्रिय कर रहा है।  ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इसके पीछे का कारण जानना चाहा। उन्होंने पीएम से पूछा कि अचानक अल्पसंख्यकों के आधार कार्ड  अंधाधुंध निष्क्रिय क्यों हो रहे हैं।

अपने पत्र में ममता बनर्जी ने पीएम से पूछा, "मैं आपसे ऐसे कदम का कारण जानना चाहूंगी। क्या यह सिर्फ पात्र लाभार्थियों को वंचित करने के लिए है या लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बड़े पैमाने पर लोगों के बीच दहशत की स्थिति पैदा करने के लिए है।" बता दें आधार मुद्दे को लेकर टीएमसी बीजेपी को शुरू से ही घेरती नजर आई है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार सुबह दिल्ली में इस पर बैठक की। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णो वहां मौजूद थे। इस मौके पर बंगाल संसद और केंद्रीय मंत्री शांतनु के अलावा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार मौजूद रहे।

पहले ममता ने आरोप लगाते हुए कहा, "बीजेपी ने योजना बनाकर आधार को निष्क्रिय कर दिया है। गरीब लोगों के मामले में तो यह और भी ज्यादा रहा है। दरअसल, ये सब संशोधित नागरिकता कानून को लागू करने के मकसद से किया गया है। लेकिन मैं राज्य में किसी भी तरह से ऐसा नहीं होने दूंगी।"

ममता ने शिकायत की कि यह पूरा काम राज्य या जिला प्रशासन को अंधेरे में रखकर किया गया। ममता ने यह भी कहा कि तृणमूल इस बारे में चुनाव आयोग जायेगी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आधार कार्ड निष्क्रिय होने की शिकायतों के बाद रविवार को एक सार्वजनिक बैठक में उपस्थित मुख्य सचिव बीपी गोपालिक को इस संबंध में आम लोगों की शिकायतों के लिए एक पोर्टल बनाने का निर्देश दिया। ममता ने कहा कि पोर्टल मंगलवार से प्रभावी होगा।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।