क्या सही साबित हुए हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनावों पर एग्जिट पोल के नतीजे? जानें- पूरा विश्लेषण
एग्जिट पोल भारत में अक्सर चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करते समय गलत हो जाते हैं क्योंकि इस खेल में कई जटिल कारक होते हैं।मतदाता जब पोलिंग बूथ से बाहर निकलते हैं, तब उनसे बातचीत कर इसका अनुमान लगाते है

वैसे तो सभी एग्जिट पोल ने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन बहुत कम एजेंसियां उसका सही आंकलन लगाने में खरी उतर सकीं। हिमाचल प्रदेश चुनावों में भी कांग्रेस की बड़ी जीत का अनुमान लगाने में लगभग सभी एजेंसियां विफल रहीं।
गुजरात की 182 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बीजेपी ने 156 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि, कांग्रेस 17 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही और आम आदमी पार्टी को सिर्फ पांच सीटें मिलीं हैं।
आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल ने लगभग सही भविष्यवाणी की थी। इस पोल में बीजेपी के लिए 129-151 सीटें, कांग्रेस के लिए 16-30 सीटें और आप के लिए 9-21 सीटों की भविष्यवाणी की गई थी, जो लगभग सही है।
न्यूज 24-टुडेज चाणक्य भी एग्जिट पोल की अपनी भविष्यवाणी के करीब रहा। उस सर्वे में भी बीजेपी के लिए औसतन 150, कांग्रेस के लिए 19 और आप के लिए 11 सीटों का अनुमान लगाया था। हालांकि, आप की सीटों की सही भविष्यवाणी करने में दोनों एजेंसियां थोड़ा चूक गईं।
एबीपी न्यूज सी-वोटर ने गुजरात में बीजेपी के लिए 128-140, कांग्रेस के लिए 31-43 और आप के लिए 3-11 सीटों की भविष्यवाणी की थी। गुजरात चुनाव पर न्यूज एक्स-जन की बात एग्जिट पोल ने कहा था कि भाजपा को 117-140 सीटें, कांग्रेस-एनसीपी को 34-51, आप को 6-13 और अन्य को 1-2 सीट मिलने की संभावना है लेकिन ये सच साबित नहीं हो सकी।
रिपब्लिक टीवी P-MARQ ने भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी को 128-148 सीटें, कांग्रेस-एनसीपी को 30-42, आप को 2-10 और अन्य को 0-3 सीटें मिलेंगी।
TV9 गुजराती का अनुमान था कि बीजेपी को 125-130 सीटें, कांग्रेस-एनसीपी को 40-50, आप को 3-5 और अन्य को तीन-सात सीटें मिलेंगी।
इंडिया टीवी-मैट्रिज एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को 112-121 सीटें, कांग्रेस को 51-61 और आप को एक-सात सीटें मिलने की संभावना थी।
ज़ी न्यूज़-बीएआरसी पोल ने बीजेपी को 110-125 सीटें, कांग्रेस को 45-60 और आप को एक-पांच सीटें दी थीं।
उधर, हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने 40 सीटें जीतकर बीजेपी की सत्ता से विदाई करा दी है। बीजेपी ने वहां 25 सीटें हासिल की हैं। निर्दलियों के खाते में तीन सीटें गई हैं। आम आदमी पार्टी ने पहाड़ी राज्य की 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन एक पर भी जीत नहीं सकी।
हिमाचल प्रदेश के एग्जिट पोल में भी आजतक-एक्सिस माई इंडिया की भविष्यवाणी सही निकली। इसने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा को 24-34 सीटें और कांग्रेस को 30-40 सीटें मिलेंगी। इसके अलावा, अधिकांश सर्वेक्षणकर्ताओं का अनुमान सटीक नहीं बैठ पाया। सभी ने भाजपा को ज्यादा बढ़त दी थी और कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े से पीछे दिखाया था।
हालांकि, न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने हिमाचल प्रदेश में प्लस-माइनस सात सीटों के अंतर के साथ भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए 33-33 सीटों की भविष्यवाणी की थी।
एबीपी न्यूज सी-वोटर ने अपने एग्जिट पोल सर्वे में कहा था कि पहाड़ी राज्य में बीजेपी को 33-41 सीटें और कांग्रेस को 24-32 सीटें मिलने की संभावना है। इंडिया टीवी ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा 35-40 सीटें, कांग्रेस 26-31 और आप शून्य हासिल करेगी।
न्यूज एक्स-जन की बात सर्वे में कहा गया था कि पहाड़ी राज्य में भाजपा को 32-40 सीटें, कांग्रेस को 27-34 और आप को शून्य सीटें मिलने की संभावना है, जबकि रिपब्लिक टीवी P-MARQ ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा को 34-39 सीटें, कांग्रेस को 28-33 और AAP को 0-1 सीटें मिलेंगी। टाइम्स नाउ-ETG एग्जिट पोल ने कहा कि भाजपा को मिलने वाली सीटों की औसत संख्या 38 और कांग्रेस की 28 होगी।
Zee News-BARC के अनुसार, भाजपा को हिमाचल प्रदेश में 35-40 सीटें मिलने की उम्मीद थी, जबकि कांग्रेस को 20-25 सीटें मिलने की संभावना थी।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


