मैसेज के जरिए दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी
बखिरा में अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर लोगों को दुष्कर्म में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे हैं। आरोपित ने कई व्यक्तियों को झूठे मुकदमे की धमकी देकर पैसे वसूलने की कोशिश की। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर क्राइम के पहलू पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

बखिरा, हिन्दुस्तान संवाद। व्हाट्सऐप के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा कई लोगों को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोपित ने अलग-अलग लोगों को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर उन्हें झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मामले से बचाने के नाम पर रुपये की मांग की। आरोपी ने करीब आधा दर्जन लोगों को अपना निशाना बनाया।
थाने में रिपोर्ट
पुरैना निवासी शैलेष कुमार ने थाने में दिए गए तहरीर में बताया है कि मेरे मोबाइल नंबर पर कई नंबरो से फोन करके तथा व्हाट्सएप के माध्यम से मुझसे कहा गया पांच हजार रूपये दो, नहीं तो दुष्कर्म के मामले में फसाकर मुकदमा लिखा दूंगा। मोबाइल धारक द्वारा दी गई धमकी से भयभीत हो गया। बार - बार मुझसे पैसे की मांग जा रही थी। भय के कारण उसके द्वारा बताए गए स्थान गांव पुरैना के दक्षिण काली माता के मंदिर के पास ईट के नीचे पैसे रख दिया। बाद में देखा तो वहां पैसा नहीं था। उसके बाद लगातार फोन, व्हाट्सएप अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से पुनः पैसे देने के लिए दबाव बना रहा था। फिर वही धमकी देने लगा। मोबाइल धारक द्वारा आनलाइन माध्यम का दुरुपयोग करते हुए कई फर्जी मुकदमा आनलाइन दर्ज करा दिया। धमकियों के कारण मैं एवं मेरा परिवार भयभीत है। लगातार पैसे की मांग कर रहा है। इसी प्रकार संतोष कुमार पाण्डेय के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर प्रार्थना पत्र पुलिस के बेबसाइट पर अपलोड करता है। प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अबुल कलाम पर भी फर्जी प्रार्थना पत्र डालता रहता है। गांव की आंगनबाड़ी की सरस्वती देवी को भी उसी मोबाइल नंबर से फर्जी प्रार्थना पत्र डालता रहता है। इनका फोटो जीपीएस पर लोड करके उच्चाधिकारियों को वायरल करता रहता है। गांव के सम्भ्रान्त व्यक्ति बुद्धिसागर पांडे को भी उसी मोबाइल नंबर से परेशान करता है।
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया अज्ञात मोबाइल नंबर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा व्हाट्सऐप पर भेजे गए संदेश, मोबाइल नंबर और पैसों के लेन-देन से संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में साइबर अपराध के पहलू से भी जांच की जा रही है।


