कागज न दिखा पाने वाले शरणार्थी हिंदुओं का क्या होगा, अमित शाह ने बताया आगे का रास्ता

कागज न दिखा पाने वाले शरणार्थी हिंदुओं का क्या होगा, अमित शाह ने बताया आगे का रास्ता

संक्षेप:

Amit Shah Interview CAA: भारत की नागरिकता पाने के लिए दो दस्तावेज बेहद जरूरी है। इनमें एक दस्तावेज यह साबित करता हो कि नागरिकता हासिल करने की कोशिश कर रहा व्यक्ति पात्र देशों से ही आया हो।

Mar 14, 2024 11:26 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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CAA Rules: CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद अब नियमों को लेकर चर्चाएं हैं। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दस्तावेजों से जुड़े नियम पर स्थिति साफ की है। उनका कहना है कि सरकार ऐसे प्रवासियों के लिए नियम बनाने का काम कर रही है, जिनके पास कागज नहीं हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने साफ किया है कि CAA के तहत किसी की नागरिकता छीनी नहीं जा सकती।

शाह ने गुरुवार को कहा कि CAA में ऐसे गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए कोई प्रावधान नहीं है, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं। फिलहाल, सीएए के तहत भारत की नागरिकता पाने के लिए दो दस्तावेज बेहद जरूरी है। इनमें एक दस्तावेज यह साबित करता हो कि नागरिकता हासिल करने की कोशिश कर रहा व्यक्ति पात्र देशों से ही आया हो।

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वहीं, दूसरे जरूरी डॉक्युमेंट के जरिए यह दिखाना होगा कि वे 31 दिसंबर 214 के पहले भारत आए थे। खास बात है कि सोमवार को ही सरकार ने नागरिकता के लिए अवधि को 11 साल से घटाकर 5 साल कर दिया है।

एएनआई को दिए इंटरव्यू में शाह ने बताया कि सरकार का अनुमान है कि नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे 85 फीसदी लोगों के पास जरूरी कागज हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी है कि सरकार जल्द ही उन लोगों के लिए भी विकल्प की तलाश करेगी, जिनके पास दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं, उनके लिए हम रास्ता खोजेंगे, लेकिन जिनके पास दस्तावेज हैं, ऐसे लोगों की संख्या 85 प्रतिशत है।'

क्या होगी प्रक्रिया
समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान शाह ने पूरी प्रक्रिया को भी समझाया। उन्होंने कहा, 'समय निकालकर आवेदन करें। भारत सरकार आपको आपकी समय की सुविधा के हिसाब से इंटरव्यू के लिए बुलाएगी। सरकार आपको डॉक्युमेंट के ऑडिट के लिए बुलाएगी और फेस-टू-फेस इंटरव्यू होगा।'

मुस्लिम भी कर सकते हैं आवेदन
शाह ने कानून के जरिए किसी की नागरिकता छिनने की बात से भी इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कानून का मकसद मुस्लिम बहुल देशों में सताए जा रहे अल्पसंख्यकों की मदद करना है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि संविधान सभी धर्मों और समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता लेने की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा, 'मुसलमानों को भी नागरिकता के लिए आवेदन करने का अधिकार है। दरवाजे किसी के लिए भी बंद नहीं हैं।'

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit
निसर्ग दीक्षित एक डिजिटल क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनकी राजनीति की गतिशीलता पर गहरी नजर है और वैश्विक और घरेलू राजनीति की जटिलताओं को उजागर करने का जुनून है। निसर्ग ने गहन विश्लेषण, जटिल राजनीतिक कथाओं को सम्मोहक कहानियों में बदलने की प्रतिष्ठा बनाई है। राजनीति के अलावा अपराध रिपोर्टिंग, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां और खेल भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहे हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद दैनिक भास्कर के साथ शुरुआत की और इनशॉर्ट्स, न्यूज18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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