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ममता बनर्जी क्या कर रहीं, दिख नहीं रहा यहां क्या हो रहा? संदेशखाली की पीड़िता का छलका दर्द

संदेशखाली की एक पीड़ित महिला ने कहा, ''हमने कई बार शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ, यहां की पुलिस बंगाल के लोगों के लिए नहीं है। ममता बनर्जी क्या कर रही हैं?''

ममता बनर्जी क्या कर रहीं, दिख नहीं रहा यहां क्या हो रहा? संदेशखाली की पीड़िता का छलका दर्द
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताThu, 22 Feb 2024 08:40 PM
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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पिछले कुछ दिनों से इसी मुद्दे पर बीजेपी और ममता सरकार आमने-सामने है। संदेशखाली में रहने वाली कई पीड़ित महिलाएं अपनी दर्दभरी कहानी सुना चुकी हैं। एक और महिला ने ममता बनर्जी से सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या उन्हें यहां जो भी हो रहा है, वह दिखाई नहीं दे रहा? क्या वह अंधी हैं? 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए संदेशखाली की एक पीड़ित महिला ने कहा, ''हमने कई बार शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ, यहां की पुलिस बंगाल के लोगों के लिए नहीं है। ममता बनर्जी क्या कर रही हैं? क्या वह नहीं देख सकतीं कि यहां क्या हो रहा है? क्या वह अंधी हैं? वह अंधी हैं? वह हजार रुपये देकर मोलभाव करने की कोशिश कर रही हैं, हम ऐसा नहीं चाहते। हम केवल सम्मान और शांति चाहते हैं। हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं।"

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली इलाके में पिछले 10 दिनों से अधिक समय से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। वहां रहने वाली बड़ी संख्या में महिलाएं टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए कथित अत्याचारों के खिलाफ न्याय की मांग कर रही हैं। कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करते हैं और कोई खूतसूरत महिला या लड़की मिलती है तो उसे उठा ले जाते हैं। इसके बाद वे महिला को तब तक रखते थे, जबतक संतुष्ट नहीं हो जाते। महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद मामला काफी बढ़ गया है और बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और लेफ्ट दल भी ममता सरकार पर हमलावर हो गए हैं।

न्याय की मांग लेकर सड़कों पर उतरे लोग
संदेशखाली के कुछ हिस्सों में गुरुवार दोपहर को नए सिरे से विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें गुस्साए स्थानीय लोग महिलाओं के यौन शोषण और इलाके में जबरन जमीन हड़पने के आरोपी स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठी थी और उन्होंने रसूखदार तृणमूल नेता शाहजहां शेख और उनके भाई सिराज के खिलाफ अपना गुस्सा निकालते हुए एक तालाब के पास स्थित एक फूस की झोपड़ी में आग लगा दी। यह पता चला कि जलाई गई झोपड़ी सिराज की थी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सिराज और उसके भाई शाहजहां ने हमारी जमीन हड़प ली है। उन्होंने हमारा शोषण किया।। हम न्याय और हमारी जमीन वापस दिलाने की मांग करते हैं।" 

पुलिस ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने क्षेत्र के अपने दौरे के समय गलत काम करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया और अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की सहायता करने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों ने उनकी शिकायतें और दस्तावेज प्रस्तुत करने का आग्रह किया। पुलिस के एक अधिकारी को निवासियों से कहते हुए सुना गया, "कृपया अपनी शिकायतें सामने लाएं और हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। यदि आपके पास कोई प्रासंगिक दस्तावेज हैं तो उन्हें हमारे सामने पेश करें। आप निश्चिंत रहें आपकी जमीन वापस कर दी जाएगी।" कुमार ने संदेशखाली में प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को दूर करने के लिए पुलिस बल की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया। 

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