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बंगाल में CM की ममतामयी योजना हावी या PM मोदी का दांव, महिलाओं पर क्यों दारोमदार

West Bengal Politics: सातवें चरण में 1 जून को जिन सीटों पर वोटिंग होनी है, उनमें दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर संसदीय क्षेत्र शामिल हैं

बंगाल में CM की ममतामयी योजना हावी या PM मोदी का दांव, महिलाओं पर क्यों दारोमदार
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 29 May 2024 10:30 PM
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West Bengal Politics:  लोकसभा चुनावों के सातवें और आखिरी चरण में पश्चिम बंगाल की 9 संसदीय सीटों पर भी वोट डाले जाने हैं। राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा दोनों ही पार्टियों ने आखिरी चरण को लेकर अपना जोर लगा दिया है। भाजपा जहां संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है औऱ महिला मतदाताओं के अपने पाले में लामबंद करने की कोशिश कर रही है, वहीं राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को अपनी लोकप्रिय नकद योजना 'लक्ष्मीर भंडार' की कामयाबी पर भरोसा है।

इस बीच, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने संदेशखाली में ईडी टीम पर हमला करने के मामले में आरोप पत्र दायर किया है। सीबीआई ने इस मामले में तृणमूल नेता शेखजहां और उसके छह साथियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। सीबीआई इसी नेता के खिलाफ संदेशखाली में महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न और कृषि भूमि कब्जाने समेत अन्य मामले की भी जांच कर रही है।

ऐसी परिस्थितियों में दोनों ही पार्टियों को अपने-अपने दांव पर भरोसा है। भाजपा को उम्मीद है कि टीएमसी के कथित भ्रष्टाचार और उसके नेताओं के द्वारा किए गए महिला उत्पीड़न और जबरन वसूली के खिलाफ लोग लामबंद होकर भाजपा को वोट करेंगे, जबकि टीएमसी को उम्मीद है कि ममता बनर्जी के लोक कल्याणकारी योजनाओं की लाभान्वित महिलाएं उनकी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में वोट करेंगी। 

सातवें चरण में 1 जून को जिन सीटों पर वोटिंग होनी है, उनमें दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर संसदीय क्षेत्र शामिल हैं लेकिन राज्य के दक्षिणी इलाके के तीन संसदीय सीटों पर महिलाओं के ध्रुवीकरण की जोर आजमाइश हो रही है। बशीरहाट संसदीय क्षेत्र के ही तहत संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र आता है। बशीरहाट में टीएमसी के हाजी नूरुल इस्लाम, बीजेपी की रेखा पात्रा और सीपीआईएम के निरपदा सरदार के बीच मुकाबला है। 

लक्ष्मीर भंडार योजना क्या
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने फरवरी 2021 में लक्ष्मीर भंडार योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसके तहत 25 से 60 साल आयु वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाया जाता है और 'स्वास्थ्य साथी' में नामांकित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अन्य परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये दिए जाते हैं।

चूंकि बंगाल के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक अर्थव्यवस्था चुनावों को प्रभावित करते रहे हैं, इसलिए ममता की लक्ष्मीर भंडार नकद योजना के मुकाबले भाजपा ने महिलाओं के सम्मान की मुद्दा उठाया है और उस कड़ी में संदेशखाली प्रकरण को भुनाने की कोशिश की है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संदेशखाली की महिलाओं का गुणगान करते हुए उन्हें प्रणाम किया है और कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत सम्मान की चिंता किए बिना इतने बड़े शोषण को उजागर किया है। हालांकि, कई विशल्षकों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में ममता बनर्जी की वित्तीय योजना अभी भी मतदाताओं पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। 

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई महिलाओं ने इस बात की शिकायत की कि उन्हें अभी तक चक्रवात अम्फान की राहत सहायता राशि नहीं मिल सकी है लेकिन लक्ष्मीर भंडार की किस्त हर महीने समय पर मिल रही है। बता दें कि यह योजना महिलाओं को सीधे नकद उपलब्ध कराती है।