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देशपश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, शुभेंदु अधिकारी का हुगली कमीशन चेयरमैन पद से इस्तीफा 

एएनआई,कोलकाताPublished By: Sudhir Jha
Fri, 27 Nov 2020 12:57 AM
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, शुभेंदु अधिकारी का हुगली कमीशन चेयरमैन पद से इस्तीफा 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खास माने जाते रहे और तृणमूल कांग्रेस के ताकतवर नेता शुभेंदु अधिकारी ने नाराजगी की खबरों के बीच हुगली रिवर ब्रिज कमीशन चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे टीएमसी से उनकी बगावत की अटकलों को मजबूती मिली है। तृणमूल कांग्रेस ने सांसद कल्याण बनर्जी को नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है।

शुभेंदु ने ऐसे समय पर इस्तीफा दिया है जब उनके पाला बदलने को लेकर अटकलें लग रही हैं। ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाने वाले दिग्गज टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी करीब 20 सीटें पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से चर्चा है कि पूर्वी मिदनापुर जिले से आने वाले शुभेंदु अधिकारी टीएमसी से नाराज चल रहे हैं और ऐसे में वह पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, शुभेंदु अपना सियासी पत्ता नहीं खोल रहे हैं। 

पिछले दिनों पार्टी के बैनर और ममता की तस्वीरों के बिना रैली कर चुके शुभेंदु अधिकारी ने हालांकि यह भी कहा था कि वह पार्टी के सदस्य बने हुए हैं और कैबिनेट में मंत्री भी हैं, उन्हें ना तो निकाला गया है और ना ही उन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि, वह पार्टी के कई कार्यक्रम और कैबिनेट की बैठकों तक से भी गायब रहे हैं। 

कभी नंदीग्राम में ममता बनर्जी के लिए सिपाही की भूमिका निभाने वाले शुभेंदु अधिकारी आखिर अब बागी क्यों हो गए हैं? ऐसा क्या हो गया है कि वो लगातार पार्टी बीते कुछ समय से पार्टी के खिलाफ अप्रत्यक्ष तौर पर आवाज बुलंद कर रहे हैं? क्यों टीएमसी उन्हें मनाने में जुटी है? ऐसे कई सवाल हैं जो न सिर्फ बंगाल, बल्कि देश की राजनीतिक गलियारों में भी तैर ही हैं। दरअसल, शुभेंदु बंगाल में काफी ताकतवर राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनका प्रभाव न सिर्फ उनके क्षेत्र पर है, बल्कि पूर्वी मिदनापुर के अलावा आस-पास के जिलों में भी उनका राजनीतिक दबदबा है। 

राजनीतिक पंडितों की मानें तो शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी से नाराज चल रहे हैं। इसके अलावा, जिस तरह से प्रशांत किशोर ने बंगाल में संगठनात्मक बदलाव किया है, उससे भी वह नाखुश हैं। साथ ही शुभेंदु अधिकारी चाहते हैं कि पार्टी कई जिलों की 65 विधानसभा सीटों पर उनकी पसंद के उम्मीदवारों को मैदान में उतारे।

पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने बुरे प्रदर्शन ने टीएमसी को एक तरह से झटका दिया और विधानसभा चुनाव के लिए चेताया। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ हाथ मिलाया। बताया जाता है कि ममता बनर्जी ने भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के कहने पर ही प्रशांत किशोर के साथ हाथ मिलाया। 

 

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