West Bengal Striking doctors put condition to end strike before Mamata Banerjee government - पश्चिम बंगाल: हड़ताली डॉक्टरों ने आंदोलन वापसी के लिए ममता के सामने रखी ये शर्त DA Image

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पश्चिम बंगाल: हड़ताली डॉक्टरों ने आंदोलन वापसी के लिए ममता के सामने रखी ये शर्त

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2 / 2Doctors on strike in West Bengal (ANI Pic)

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पश्चिम बंगाल में मारपीट के खिलाफ विरोध कर आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेशों को दरकिनार करते हुए हड़ताल जारी रखा है। हालांकि, हड़ताली डॉक्टरों ने अपना आंदोलन वापस रखने रखने के लिए छह शर्तें रखी है। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बिना शर्त माफी मांगना भी शामिल।

डॉक्टरों के इस आंदोलन ने समूचे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर दिया है। जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मंच के प्रवक्ता डॉ अरिंदम दत्ता ने कहा, ''एसएसकेएम हॉस्पिटल में कल जिस तरह से मुख्यमंत्री ने हमें संबोधित किया था, उसके लिए हम उनसे यह मांग करते हैं कि वह बेशर्त माफी मांगें। उन्हें वह नहीं कहना चाहिए था, जो उन्होंने कहा था।

ममता ने गुरुवार को एसएसकेएम हॉस्पिटल का दौरा किया था, जहां उन्होंने कहा कि बखेड़ा खड़ा करने के लिए बाहरी लोग मेडिकल कॉलेजों में घुसे थे और आंदोलन माकपा एवं भाजपा की साजिश है।

आंदोलनकारियों ने छह शर्तें गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अस्पताल जाकर घायल डॉक्टरों से मिलना चाहिए और उनके कार्यालय को उन पर (डॉक्टरों पर) हुए हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ''हम मुख्यमंत्री के फौरन हस्तक्षेप की भी मांग करते हैं। साथ ही सोमवार रात डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया करने में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ न्यायिक जांच के दस्तावेजी साक्ष्य भी मुहैया किया जाए।

गौरतलब है कि एनआरएस मेडिकल कॉलेए एंड हॉस्पिटल में सोमवार रात एक रोगी के परिवार के सदस्यों ने दो जूनियर डॉक्टरों से मारपीट की थी। दरअसल, अस्पताल में इस रोगी की मौत हो गई थी।

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दत्ता ने कहा, ''हम हमलावरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी देने की मांग करते हैं। उन्होंने आंदोलन के मद्देनजर जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के खिलाफ समूचे राज्य में दर्ज किए गए झूठे मामलों और आरोपों को बेशर्त वापस लेने तथा सभी मेडिकल कॉलेजों में सशस्त्र बल के कर्मियों को तैनात करने की भी मांग की।

हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में आए कोलकाता के बुद्धजीवी लोग

आंदोलनकारी डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को शहर के कई प्रबुद्ध लोग भी आ गए और उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गतिरोध का समाधान निकालने का अनुरोध किया फिल्मकार अपर्णा सेन, कलाकार कौशिक सेन, संगीतकार देवज्योति मिश्रा समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक हड़ताली डॉक्टरों से मिलने एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल गए।

सेन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हड़ताली डॉक्टरों से मुलाकात करने और उनकी शिकायतों पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा, ''मैं एक फिल्मकार हूं, मेरे पास बहुत काम है लेकिन डॉक्टरों के साथ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी है। मेरी अंतरात्मा ने मुझे उनके साथ खड़े होने को कहा। हमें समझना चाहिए कि वो विशिष्ट सेवा कर रहे हैं। 

अभिनेता कौशिक सेन ने बनर्जी से स्वास्थ्य क्षेत्र पर और ध्यान देने का आग्रह किया। 

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प्रदर्शनकारी सहयोगियों के साथ खड़े हैं ममता के डॉक्टर भतीजे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व मेडिकल के छात्र अबेश बनर्जी शुक्रवार को अपने प्रदर्शकारी सहयोगी चिकित्सकों के साथ खड़े नजर आए। फेसबुक पर डाली जानकारी के अनुसार अबेश बनजीर् केपीसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अध्यक्ष है। उन्हें एक रैली में देखा गया जिसमें उन्होंने एक तख्ती पकड़ी हुई थी, उस पर लिखा था, “आप कहते हैं हम भगवान है!! तो हम से कुत्तों की तरह व्यवहार क्यों?”

एक दूसरे डॉक्टर ने उनकी तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा, “ममता बनर्जी के भतीजे डॉक्टर अबेश बनजीर्, केपीसी मडिकल कॉलेज कोलकाता में!! डॉक्टरों को बचाएं।”

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इससे पहले, कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम की डॉक्टर बेटी ने चिकित्सकों की हड़ताल को संभालने के सरकार के तरीकों की आलोचना की।  उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने और कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग करने का पूरा हक है।

एक फेसबुक पोस्ट में शब्बा हकीम ने बुधवार-मंगलवार की रात लोगों से सवाल पूछने को कहा कि “क्यों गुंडे अभी भी अस्पतालों के आसपास हैं और डॉक्टरों की पिटाई कर रहे हैं।”

शब्बा हकीम ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर बुधवार देर रात लिखा, “एक तृणमूल समर्थक के रूप में मैं मामले में हमारे नेता की चुप्पी और कोई कदम नहीं उठाने को लेकर शर्मिंदा हूं।” पोस्ट लिखे जाने के वक्त तक मुख्यमंत्री बनजीर् ने चिकित्सकों के मुद्दे पर कुछ नहीं कहा था।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्‍टरों की बेरहमी से पिटाई के बाद देश के कई राज्‍यों में बड़ी संख्‍या में डॉक्‍टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्‍टरों की हड़ताल से मुंबई, कोलकाता, नागपुर, पटना, हैदराबाद, वाराणसी समेत कई शहरों में चिकित्‍सा सेवाएं लगभग ठप पड़ी हैं। यही नहीं घटना के विरोध में अब पश्चिम बंगाल के 43 डॉक्‍टरों ने सामूहिक इस्‍तीफा दे दिया है। इस्‍तीफा देने वाली डॉक्‍टरों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। 

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