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मछली व्यापार से राजनीति, CPM से TMC में दलबदल; संदेशखाली को कैसे शाहजहां शेख ने बनाई जागीर

शाहजहां शेख के संदेशखाली में ताकतवर बनने का सफर टीएमसी के सत्ता में आने से पहले शुरू हुआ। उसके मामा मोस्लेम शेख CPM नेता और पंचायत प्रमुख थे। उसने स्थानीय स्तर पर मछली व्यापार से शुरुआत की।

मछली व्यापार से राजनीति, CPM से TMC में दलबदल; संदेशखाली को कैसे शाहजहां शेख ने बनाई जागीर
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 18 Feb 2024 07:25 PM
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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में आने वाले संदेशखाली की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। हाल के दिनों में यहां जो बड़ी घटनाएं हुईं, उनमें तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख का नाम आया है। लोकसभा चुनाव से पहले शेख को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। सवाल है कि आखिर यह शाहजहां शेख कौन है और कैसे वह इस द्वीप को अपनी जागीर में बदलने में कामयाब रहा? चलिए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं...

शाहजहां शेख के संदेशखाली में ताकतवर बनने का सफर टीएमसी के सत्ता में आने से पहले शुरू हुआ। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके मामा मोस्लेम शेख CPM नेता और पंचायत प्रमुख थे। शाहजहां ने स्थानीय स्तर पर मछली व्यापार से शुरुआत की। उस वक्त तक वह कोई नेता नहीं था और मामा की छत्रछाया में ही काम करता था। चुनावों के दौरान वह उनकी मदद करता था और स्थानीय पार्टी नेताओं के संपर्क में रहता था। धीरे-धीरे शाहजहां की संपत्ति बढ़ती गई और उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब उसने अपनी पहचान बनानी शुरू की। वह संकट के दौरान स्थानीय लोगों की मदद करता। शादी-ब्याह के लिए धन देना और बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग करना इसमें अहम रहा। इससे उसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। 

शेख ने भांप ली राजनीति की बदलती हवा
रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 के आसपास के आसपास शाहजहां शेख ने राजनीति की बदलती हवा को भांप लिया। वह सीपीएम से दूर होता चला गया और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ाने लगा। बंगाल में वामपंथियों का 34 साल का शासन समाप्त हुआ और तृणमूल सत्ता में आई। तृणमूल नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक भ्रष्टाचार के मामले में अभी जेल में बंद हैं। उन्होंने ही महत्वाकांक्षी शेख को पहचाना और मोस्लेम शेख के प्रभाव को कम करने का प्लान बनाया। 2013 में शेख शाहजहां TMC में शामिल हो गया। उसने अपने चाचा को हरा दिया और बाद में मोस्लेम भी तृणमूल में शामिल हो गए।

17 कारें और 43 बीघा जमीन का मालिक शाहजहां शेख
अगर शाहजहां शेख की संपत्तियों की बात करें तो पंचायत चुनाव के लिए जमा दस्तावेजों में उसने इसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक, शेख के पास 17 कारें हैं। 43 बीघा जमीन है। 2 करोड़ से अधिक के आभूषण हैं। उसका बैंक बैलेंस करीब 2 करोड़ रुपये है। इस ताकतवर शख्स ने अपना पेशा बिजनेस बताया है। उसने अपनी वार्षिक आय 20 लाख रुपये ही दिखाई है। हालांकि, स्थानीय लोग दावा करते हैं कि उसकी वास्तविक संपत्ति इससे कहीं ज्यादा है। बताया जाता है कि ईंट के भट्टों और मछली व्यापार से भी उसकी काफी कमाई होती है। इसके अलावा, शाहजहां शेख पर जबरन जमीन हथियाने और उगाही रैकेट चलाने के आरोप लगे हैं। 

ED मामले में अग्रिम जमानत याचिका की दायर
पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने शाहजहां शेख को समन भेजा। इस पर उसने विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष अपने वकील के जरिए अग्रिम जमानत के लिए अपील की है। दरअसल, संदेशखाली में 5 जनवरी को उनके परिसर में छापे मारने ईडी अधिकारी पहुंचे थे। इन पर भीड़ की ओर से हमला कर दिया गया। इसके बाद से शेख सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं। शेख ने वकील के जरिए दावा किया कि वह धन शोधन मामले में एजेंसी की शिकायत में आरोपी नहीं हैं। शेख की अग्रिम जमानत याचिका की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय हुई है।

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