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पश्चिम बंगाल में तृणमूल के कंधे तक पहुंची भाजपा, वाम दलों का सूपड़ा साफ

आम चुनाव में भाजपा के लिए अब तक लगभग अभेद्य से रहे पश्चिम बंगाल के किले को पार्टी ने आखिरकार भेद दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंधी के सहारे भाजपा यहां तृणमूल कांग्रेस के लगभग बराबर पहुंच गई है। वहीं, कभी पश्चिम बंगाल में अजेय समझे जाने वाले वाम दलों का इस राज्य से पूरी तरह सफाया हो गया है। कांग्रेस भी इस राज्य में साफ होती दिख रही है। 

मतदान के समय ही ये बात स्पष्ट हो गई थी कि इस बार पश्चिम बंगाल में लड़ाई तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होगी। तृणमूल कांग्रेस के नेता ही दबे स्वर से स्वीकार करने लगे थे कि इस बार भाजपा पहले से कहीं ज्यादा सीटें जीतेगी। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता राज्य में 23 सीटें जीतने के दावे कर रहे थे। बहरहाल, परिणाम में भाजपा तृणमूल को पीछे तो नहीं छोड़ पाई लेकिन वह राज्य में सत्तारूढ़ इस दल के कंधे तक जरूर पहुंच गया है। 

विपक्ष का स्थान भाजपा को:

जानकारों की मानें तो राज्य में वाम दलों और कांग्रेस के सफाए से खाली हुए विपक्ष का स्थान बंगाल की जनता ने भाजपा को दे दिया है। पिछले कुछ वर्षों में ममता सरकार की ओर से लिए गए मुस्लिम तुष्टीकरण वाले निर्णयों को लेकर एक बड़े तबके में नाराजगी थी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मुहर्रम के दिन दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगाना था। हालांकि, हाईकोर्ट ने ममता सरकार के इस फैसले को पलट दिया था, लेकिन इससे बड़ा जनमानस तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चला गया। 

मुद्दे को हवा दी:

भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान दीदी के हिंदू विरोधी होने की बात कह कर इस मुद्दे को हवा दी। भाजपा का फायदा मिलने का तीसरा कारण रहा कि राज्य में दीदी, देश में मोदी का नारा काफी चल रहा था। यानी जिन्हें राज्य में ममता से कोई दिक्कत नहीं थी, उन्होंने भी लोकसभा चुनावों में दीदी के बजाया मोदी को वोट देना पसंद किया। 

खतरे की घंटी

बंगाल के परिणामों पर राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी कहती हैं कि मतदान में जिस तरह का उत्साह दिख रहा था, उससे स्पष्ट था कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में टक्कर होगी। इससे एक बात स्पष्ट है कि भाजपा अब बंगाल में दूसरी बड़ी ताकत है। पिछले डेढ़-दो साल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ एक ओपिनियन बन रही है। ये ममता बनर्जी के लिए खतरे की घंटी भी है, क्योंकि डेढ़ साल बाद ही राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। 

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