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यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे UP-पंजाब के लड़के? असदुद्दीन ओवैसी बोले- उन्हें वापस लाओ

एक रिपोर्ट के अनुसार, एक पीड़ित ने बताया है कि कम से कम 3 भारतीयों को रूस के साथ लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें एक एजेंट ने धोखा दिया था और 'आर्मी सिक्योरिटी हेल्पर' के तौर पर वहां भेजा था।

यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे UP-पंजाब के लड़के? असदुद्दीन ओवैसी बोले- उन्हें वापस लाओ
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 21 Feb 2024 01:12 PM
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रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। इसी बीच खबर है कि कथित तौर पर तीन भारतीयों को यूक्रेन के खिलाफ रूस की सेना के साथ लड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इसे लेकर विदेश मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। अब AIMIM यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से तीनों भारतीयों की वतन वापसी की अपील की है।

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'डॉक्टर एस जयशंकर सर आप अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर इन लोगों को घर वापस लाएं। उनकी जान जोखिम में है और उनके परिवार चिंतित हैं।' इसके साथ ही उन्होंने द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया है। खबर है कि रूस-यूक्रेन सीमा पर करीब 18 भारतीय फंसे हुए हैं।

रिपोर्ट में क्या
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, एक पीड़ित ने बताया है कि कम से कम तीन भारतीयों को रूस के साथ लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें एक एजेंट ने धोखा दिया था और 'आर्मी सिक्योरिटी हेल्पर' के तौर पर वहां भेजा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक पीड़ित परिवार ने ओवैसी से संपर्क साधा था। इसके बाद 25 जनवरी को AIMIM चीफ ने विदेश मंत्री और मॉस्को में भारतीय दूतावास को पत्र भी लिखा था, जिसमें इन भारतीयों की वापसी के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई थी। खबर है कि ये तीनों युवक उत्तर प्रदेश, गुजरात और जम्मू और कश्मीर के हैं।

हथियार चलाना सिखाया
रिपोर्ट में यूपी के रहने वाले एक पीड़ित के हवाले से बताया गया है कि तीनों को हथियार चलाने की शुरुआती ट्रेनिंग 'रूसी सेना' की तरफ से दी गई थी। इसके बाद उन्हें जनवरी में रूस-यूक्रेन सीमा के पास भेज दिया गया, जहां उन्हें बंदूक की नोक पर लड़ने के लिए मजबूर किया गया।

द हिंदू से बातचीत में युवक ने कहा, 'हम यहां नवंबर 2023 में आए थे। यहां कॉन्ट्रेक्ट साइन कराए गए, जिसमें कहा गया था कि हमें आर्मी सिक्योरिटी हेल्पर्स के तौर पर रखा गया है। हमें बताया गया कि हमें युद्धक्षेत्र में नहीं भेजा जाएगा और 1.95 लाख रुपये सैलरी और हर महीने 50 हजार रुपयों का बोनस देने का वादा किया था। दो महीनों से 50 हजार रुपये के बोनस के अलावा मुझे कोई रुपये नहीं मिले हैं।'

रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से ही युद्ध जारी है। हालांकि, इससे पहले कई छात्रों समेत सैकड़ों भारतीयों की वतन वापसी हो चुकी है।

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