बारिश में चर्म रोग की परेशानी, घरों से निकलने में बरतें सावधानी
-हिन्दुस्तान पड़ताल : पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। मौसम में बदलाव। कभी बढ़ी हुई गर्मी तो कभी बारिश। इस सबके बीच चर्म रोग की परेशानी बढ़ने लगी है

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। मौसम में बदलाव। कभी बढ़ी हुई गर्मी तो कभी बारिश। इस सबके बीच चर्म रोग की परेशानी बढ़ने लगी है।
चर्म रोग की बढ़ती संख्या
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के आउटडोर में चर्म रोग की परेशानी लिए रोजाना 100 से अधिक रोगी आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. भवेश बताते हैं कि अभी के मौसम में बारिश कभी भी हो जाती है। लोग घरों से बाहर किसी काम से निकले हैं और बारिश हो गई। ऐसे में भींग जाते हैं। यदि ज्यादा देर भींग कर रह गए तो यह स्वास्थ्य के लिए खासकर चर्म रोग के मामले में परेशानी को बढ़ा देता है। अधिक देर भींगने की स्थिति में शरीर में खुजलाहट होने लगती है। शरीर में घमौरी जैसे दाने आने लगता है। यह परेशानी बढ़ा देती है। घर आंगन में भी यदि पानी लग गया है या घर से आने जाने के मार्ग में पानी से गुजरना है तो यह भी चर्म रोग को बढ़ा देता है। इसलिए ऐसे मौसम में पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है। पैरों के अंगुली के बीच पसीजना, बार बार नोचने जैसा महसूस होने लगता है। बारिश में शरीर के ज्यादा देर भींग जाने से शरीर में खुजलाहट, नोचनी,घमौरी होने लगता है। यह एक प्रकार से दिनाय जैसी परेशानी भी होने लगती है। इसलिए बारिश में भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।
-ऐसे बरतें सावधानी :
सावधानियाँ
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-घर से बाहर निकल रहे हैं और बारिश हो रही है तो छाता का प्रयोग करें। शरीर को भींगने न दें। कोशिश करें घर से बाहर नहीं निकलें। ज्यादा जरूरी लगे तो छाता का प्रयोग कर घर से निकलें। इसके बाद भी यदि भींग गए हैं तो घर आने के साथ कपड़े बदल लें और भींगे शरीर को पानी से पोछ लें ताकि शरीर में खुजलाहट नहीं रहे। घर में पूरी तरह से शरीर को राहत देने वाले कपड़े सेवन करें। इससे चर्म रोग की परेशानी से बचे रहेंगे।


