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20 जनवरी, 2021|7:40|IST

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नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान बोले- हम निर्णायक लड़ाई के लिए दिल्ली आए हैं

we have come to delhi for a decisive battle says representatives of protesting farmers against new a

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी है। दिल्ली बॉर्डर पर डेरा जमाए हुए किसानों ने सोमवार को कहा कि हम अपनी मांगों को पूरा होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। नए कृषि कानून के विरोध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किसान नेता ने कहा कि हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते। 

हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही ऐसा कर सकते हैं। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा है कि हमने प्रधानमंत्री के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। किसानों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि हम एक निर्णायक लड़ाई के लिए दिल्ली आए हैं।

वहीं, कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ देश में जगह-जगह हो रहे किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे लेकर विपक्षी दलों पर करारा हमला करते हुए सोमवार को कहा कि छल का इतिहास रखने वाले लोग नये 'ट्रेंड' के तहत पिछले कुछ समय से सरकार के फैसले पर भ्रम फैला रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के खजूरी गांव में छह लेन मार्ग चौड़ीकरण के लोकार्पण अवसर पर संबोधित करते हुए कहा पहले सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था, तो उसका विरोध होता था लेकिन बीते कुछ समय से हमें नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। अब विरोध का आधार फैसला नहीं, बल्कि भ्रम और आशंकाएं फैलाकर उसको आधार बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा दुष्प्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन पता नहीं इससे आगे चलकर क्या-क्या होगा। फिर कहते हैं कि ऐसा होगा जो अभी हुआ ही नहीं है। जो कभी होगा ही नहीं उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है। ऐतिहासिक कृषि सुधारों के मामले में भी जानबूझकर यही खेल खेला जा रहा है। हमें याद रखना है यह वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है।

मोदी का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब हाल के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसान देश में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, हम गंगाजल जैसी साफ नीयत से काम कर रहे हैं। आशंकाओं के आधार पर भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई लगातार देश के सामने आ रही है। जब एक विषय पर इनका झूठ किसान समझ जाते हैं तो ये दूसरे विषय पर झूठ फैलाने में लग जाते हैं। चौबीसों घंटे उनका यही काम है। देश के किसान इस बात को भली-भांति समझते हैं।

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  • Web Title:We have come to Delhi for a decisive battle says representatives of protesting farmers against new agri laws