केरल : पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में 56 लोग बरी
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
वायनाड की अदालत ने 2003 में मुथंगा आंदोलन के दौरान पुलिस आरक्षी केवी विनोद की हत्या के मामले में आदिवासी नेता एमजी गीतानंदन सहित 56 आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, गीतानंदन और तीन अन्य को हत्या के प्रयास में दोषी ठहराया गया और पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई।

वायनाड (केरल), एजेंसी। वायनाड की एक अदालत ने 2003 में मुथंगा आंदोलन के दौरान पुलिस आरक्षी केवी विनोद की हत्या के मामले में शुक्रवार को आदिवासी नेता एमजी गीतानंदन समेत 56 आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि हत्या के प्रयास के मामले में गीतानंदन और तीन अन्य लोगों को दोषी ठहराया। वायनाड जिला और सत्र न्यायाधीश अय्यूब खान ई ने विनोद हत्याकांड में दूसरे आरोपी अशोकन को दोषी ठहराया, जबकि अन्य सभी जीवित आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि चूंकि मुकदमे की कार्यवाही के दौरान ही अशोकन की मौत हो गई थी, इसलिए उसे कोई सजा नहीं सुनाई गई। इसी घटना के दौरान पुलिस अधिकारी अब्दुल सलाम और वन अधिकारी शशिधरन की हत्या की कोशिश के एक संबंधित मामले में अदालत ने गीतानंदन, बिनु, रमेशन और अनिलकुमार को दोषी पाया तथा उन्हें पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।


