जल निगम की पानी की टंकियों के ऑपरेटरों को 31 माह से नही मिला वेतन

हिन्दुस्तान, शामली
Follow us on Google News
share

ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की टंकियों का संचालन करने वाले ऑपरेटरों ने 31 महीने से मानदेय न मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया और भुगतान की मांग की। उन्हें बताया गया था कि शासन स्तर से हर महीने मानदेय दिया जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।

जल निगम की पानी की टंकियों के ऑपरेटरों को 31 माह से नही मिला वेतन

ग्रामीण क्षेत्रों में जल निगम की पानी की टंकियों का संचालन करने वाले ऑपरेटरों ने 31 माह से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाया है। मंगलवार को ऑपरेटरों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा और बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की। ऑपरेटरों ने जल निगम एवं संबंधित कंपनी के अधिकारियों पर बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। ऑपरेटरों द्वारा डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि जनपद शामली के विभिन्न गांवों और ब्लाकों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चयनित ऑपरेटर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की टंकियों का संचालन कर रहे हैं।

आरोप है कि जल निगम तथा लक्ष्मी कंपनी द्वारा 25 फरवरी 2024 से अगस्त 2026 तक ऑपरेटरों को कोई मानदेय नहीं दिया गया है। करीब 31 माह से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करने तक की समस्या खड़ी हो गई है। ऑपरेटरों का कहना है कि शासन स्तर से हर माह मानदेय दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिला है। संबंधित कंपनी के अधिकारियों द्वारा बार-बार जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बताया गया कि 17 अगस्त को तहसील दिवस शामली में भी इस संबंध में शिकायत की गई थी। उस समय जल निगम एवं कंपनी के अधिकारियों ने 30 अगस्त तक पूरा भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। ऑपरेटरों के अनुसार निर्धारित समय बीतने के बाद भी उन्हें मानदेय नहीं मिला है। मौके पर ऋषिपाल, सतीश राठी, संजीव कुमार, विपिन कुमार, मूनपाल, शिवम, सूरज कुमार, मोहित कुमार मौजूद रहे।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsजल निगम की पानी की टंकियों के ऑपरेटरों को 31 माह से नही मिला वेतन