नदियों का जलस्तर हो रहा कम
संतकबीरनगर जिले में, सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर कम होने लगा है। सरयू खतरे के निशान से 85 सेमी नीचे और राप्ती 4.610 मीटर नीचे पहुंच गई है। जलस्तर में कमी के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में राहत मिली है और संभावित बाढ़ का खतरा टल गया है।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में बहने वाली राप्ती के बाद सरयू नदी का भी जलस्तर कम होने लगा है। सरयू खतरे के निशान से 85 सेमी नीचे पहुंच गई है। वहीं राप्ती 4.610 मीटर नीचे पहुंच गई है। राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार चौथे दिन भी गिरावट दर्ज किए जाने से तटवर्ती क्षेत्रों में राहत का माहौल है। जलस्तर घटने के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और संभावित बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है।
सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट
सरयू नदी का जलस्तर शनिवार की सुबह 78.650 मीटर पर स्थिर था। शाम को 5 सेमी घटकर 78.600 मीटर पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर घटकर 78.550 मीटर नीचे आ गया है। जलस्तर घटने के रफ्तार धीमी है पर लोगों को राहत हो रही है। हालांकि माझा क्षेत्र में बोई गई फसलें बर्बाद हो गई हैं। लोगों को अपने खेतों में जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
राप्ती नदी की स्थिति
दूसरी तरफ राप्ती नदी के जलस्तर में पिछले चार दिनों से लगातार घटने से राहत है। सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार के मुकाबले रविवार को भी राप्ती के जलस्तर में 35 सेमी की गिरावट जारी रही। नदी अब खतरे के निशान 79.500 मीटर से नीचे 75.890 मीटर से नीचे बह रही है। लगातार कम हो रहे जलस्तर से नदी अब अपने सामान्य प्रवाह की ओर लौट रही है। खेतों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में भी सुधार होने लगा है। इससे किसानों और तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। ड्रेनेज खंड के अधिकारी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। करमैनी-बेलौली तटबंध की नियमित निगरानी के साथ संवेदनशील स्थानों पर गश्त भी कराई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, फिर भी मौसम में बदलाव और ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली बारिश को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कुछ दिन पहले ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। इसके बाद से प्रशासन ने तटबंध की निगरानी बढ़ा दी थी। हाल के दिनों में जलस्तर में लगातार गिरावट आने से लोगों की चिंता काफी कम हुई है।


