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VIDEO: जिंदगी की असलियत से रू-ब-रू कराती हैं कवि कुंवर नारायण की कविताएं

साल 2005 में मिला था ज्ञानपीठ पुरस्कार

1/2 साल 2005 में मिला था ज्ञानपीठ पुरस्कार

मशूहर कवि कुंवर नारायण का बुधवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया। फैजाबाद में जन्में कुंवर नारायण पिछले 51 साल से साहित्य में सक्रिय थे। उनकी पहली किताब 'चक्रव्यूह' साल 1956 में आई थी। उन्हें अपनी रचनाशीलता में इतिहास और मिथक के जरिए, वर्तमान को देखने के लिए जाना जाता है। कुंवर नारायण ने साहित्य जगत में अपनी कविताओं की वजह से खास नाम कमाया है। उन्होंने कहानी, लेख और समीक्षाओं के साथ-साथ सिनेमा, रंगमंच में भी अहम योगदान दिया।

इतना ही नहीं कुंवर नारायण की कविताएं और कहानियां दुनियाभर में इतना पसंद की जाती थी कि उनकी कई रचनाएं भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है। कुंवर नारायण को साल 2005 में साहित्य जगत के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में पत्नी और बेटे के साथ रहने वाले कवि कुंवर नारायण को साल 1995 में साहित्य अकादमी और साल 2009 में उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा गया था। 

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  • Web Title:watch famous poet kunwar narayan s poems video
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