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5 अप्रैल, 2020|8:51|IST

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हिमालय क्षेत्र में 8.5 तीव्रता का भूकंप आने की भविष्यवाणी

The present study underlines the fact after this massive earthquake, the frontal thrust in the centr

वैज्ञानिकों ने हिमालय क्षेत्र में और बड़े भूकंप आने की चेतावनी दी है। इनकी तीव्रता आठ से 8.5 तक हो सकती है। जवाहरलाल नेहरू सेंटर के भूकंप विशेषज्ञ सीपी राजेंद्रन का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी मात्रा में तनाव भविष्य में केंद्रीय हिमालय में 8.5 या उससे अधिक की तीव्रता का एक भूकंप दर्शाता है।

'जियोलॉजिकल जर्नल' में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने दो नए खोजी गई जगहों के आंकड़ों के साथ-साथ पश्चिमी नेपाल और चोरगेलिया में मोहन खोला के आंकड़ों के साथ मौजूदा डेटाबेस का मूल्यांकन किया, जोकि भारतीय सीमा के भीतर आता है। 

शोधकर्ताओं ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के कार्टोसैट -1 उपग्रह से गूगल अर्थ और इमेजरी का उपयोग करने के अलावा भूगर्भीय सर्वेक्षण के भारत द्वारा प्रकाशित स्थानीय भूविज्ञान और संरचनात्मक मानचित्र का उपयोग किया है।

शोधकर्ताओं के विश्लेषण में बताया गया है कि "अध्‍ययन हमें यह निष्कर्ष निकालने के लिए मजबूर करता है कि केंद्रीय हिमालय में 15 मीटर की औसत सरकने के कारण 1315 और 1440 के बीच खिंचाव 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का एक बड़ा भूकंप क्षेत्र लगभग 600 किमी (भटपुर से मोहन खोला से परे केंद्रीय भूकंपीय अंतर के बीच की लंबाई ) तक फैला है।

इससे पहले नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) की अगुवाई में एक रिसर्च टीम ने भी पाया था कि मध्य हिमालय क्षेत्रों में रिएक्टर पैमाने पर आठ से साढ़े आठ तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने का खतरा है। शोधकर्ताओं ने एक बयान में कहा कि सतह टूटने संबंधी खोज का हिमालय पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े इलाकों पर गहरा असर है।

प्रमुख वैज्ञानिक पॉल टैपोनियर ने कहा कि अतीत में इस तरह के खतरनाक भूकंपों का अस्तित्व का मतलब यह हुआ कि इतनी ही तीव्रता के भूकंप के झटके भविष्य में फिर से आ सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जिनकी सतह भूकंप के झटके के कारण अभी टूटी नहीं है।

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  • Web Title:Warning gets louder as new study backs predictions of 8 5 magnitude earthquake in Himalayas