In Vyapam Scam FIR Ordered Against Digvijay Singh Kamal Nath and Jyotiraditya Scindia - व्यापमं : कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश DA Image
14 नबम्बर, 2019|11:06|IST

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व्यापमं : कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश

Digvijay Singh and Kamal Nath in Bhopal. (File photo: PTI)

व्यापमं मामले में स्थानीय अदालत ने कांग्रेस के तीन दिग्गज नेताओं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। चौथा नाम कथित व्यापमं घोटाले के व्हिसल ब्लोअर प्रशांत पांडे का है।

विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में इन चारों द्वारा झूठे एवं फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में एडवोकेट संतोष शर्मा द्वारा 24 सितंबर को दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद यह आदेश बुधवार को दिया है।

इस परिवाद में शर्मा ने कहा था कि इन तीन कांग्रेस नेताओं ने पांडे के साथ मिलकर व्यापमं घोटाले के मामले में अदालत में झूठे एवं फर्जी दस्तावेज पेश किए हैं और अदालत को गुमराह कर रहे हैं। शर्मा ने बताया, न्यायाधीश सुरेश सिंह ने मेरे द्वारा दायर परिवाद पर भोपाल शहर स्थित श्यामला हिल्स थाना पुलिस को इन चारों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर इसकी एक कॉपी अदालत में पेश करने को कहा है।

19 सितंबर को दिग्विजय सिंह ने परिवाद दायर किया  
व्यापमं घोटाले की एक्सेल शीट में फेरबदल करने पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 19 सितंबर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सहित सात लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया था। इस मामले में 22 सितंबर को दिग्विजय ने अदालत में अपने बयान भी दर्ज करवाए थे। 

संतोष शर्मा ने परिवाद दायर किया
भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संतोष शर्मा ने 24 सितंबर को कांग्रेस नेताओं के खिलाफ परिवाद दायर किया था।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली हुई थी 
मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं द्वारा मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए ली गई एमपीएमटी परीक्षा एवं सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए ली गई परीक्षाओं में भारी धांधली हुई थी। इस घोटाले की जांच विशेष कार्य बल (एसटीएफ) कर चुकी है। वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच की और मुख्यमंत्री चौहान को क्लीनचिट दी है।
 

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