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लोकसभा चुनाव 2019: आखिरी दो चरणों की चुनावी जंग निर्णायक साबित होगी

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लोकसभा चुनावों के आखिरी दो चरण भाजपा और विपक्षी दलों के लिए सर्वाधिक अहम हैं। इस दौरान जहां चुनावी जंग चरम पर पहुंच गई थी, वहीं पिछले चुनाव में इन चरणों की 118 सीटों में से 89 सीटें एनडीए के खाते में गई थी जिसमें से 79 सीटें अकेले भाजपा ने ही जीती थी। इस बार विपक्ष इन सीटों पर सेंध लगाने की जबरदस्त कोशिश की है, वहीं भाजपा ने इन्हें बचाने के लिए जी जान से जुटी है और भरपाई की भी तैयारी की है।

अगले रविवार को होने जा रहे सातवें चरण के चुनाव में जिन 59 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से उत्तर प्रदेश की सभी 13 सीटें पिछली बार एनडीए ने जीती थी। इनमें 12 भाजपा तथा एक मिर्जापुर सीट उसके घटक अपना दल ने। हिप्र की सभी चार सीटें, चंडीगढ़ की एक तथा पंजाब की दो सीटें भाजपा ने तथा चार सीटें सहयोगी अकाली दल ने, मप्र की सभी आठ सीटें, तथा झारखंड की तीन में से एक सीट भाजपा ने जीती थी। बिहार में जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनमें चार सीटें भाजपा ने जीती थी जबकि दो उसकी तब की सहयोगी आरएलएसी तथा एक एलजेपी ने जीती थी। लेकिन बंगाल की सभी आठों सीटें तृणमूल कांग्रेस ने जीती थीं। बता दें कि छठे चरण की 59 सीटों में से 48 सीटें एनडीए ने जीती थीं।

आखिरी चरण के चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन दो चरणों में पश्चिम बंगाल में भाजपा मजबूती के साथ तृणमूल के सामने खड़ी दिखी है। पश्चिम बंगाल वह राज्य है जहां भाजपा को बढ़त मिलने की उम्मीद है। वहां की चुनावी जंग को इस प्रकार से देखा जा रहा है कि यदि भाजपा को उत्तर प्रदेश में खासकर पूर्वी उप्र में सपा-बसपा गठबंधन से सीटों का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई पश्चिम बंगाल से हो सकती है। 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आखिरी दो चरणों में चुनावी जंग चरम पर पहुंच चुकी थी। इसलिए वह पहले चरणों की तुलना में ज्यादा निर्णायक रहेगी। भाजपा ने जहां पश्चिम बंगाल में पूरी ताकत लगाई है। वहीं गठबंधन के साथ-साथ कांग्रेस ने भी पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश आदि में अपनी ताकत झोंकी। कोशिश यह है कि किसी भी प्रकार से भाजपा को पिछली बार की भांति शानदार जीत वहां नहीं मिले। 

दूसरी तरफ भाजपा की पूरी रणनीति यह रही है कि पहले की जीती सीटों को फिर जीता जाए। फिर भी सीटें घटती हैं तो उसकी भरपाई पश्चिम बंगाल से की जाए। आखिरी चरण का चुनाव आते-आते यह अटकलें भी लगनी शुरू हो गई वह इस रणनीति में सफल होती हुई दिख रही है। 

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  • Web Title:Voting for the last two phases will decide the result of 2019 Lok Sabha Election