डीआईजी, एसपी सिटी से बात होने के दावे पर गुलाटी के दो गुर्गे गिरफ्तार
कैनविज के एमडी कन्हैया गुलाटी की एक जूम मीटिंग का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसके गुर्गे पुलिस अधिकारियों का नाम लेते हुए बरेली न आने की बात कर रहा है। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला करोड़ों की ठगी से जुड़ा हुआ है।

Bareilly News: करोड़ों की ठगी में वांछित चल रहे कैनविज के एमडी कन्हैया गुलाटी की जूम मीटिंग का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसका गुर्गा डीआईजी अजय साहनी और एसपी सिटी मानुष पारीक से बात होने का दावा करते हुए बरेली न आने की बात कह रहा है। हालांकि हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मगर इस वीडियो से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों का नाम लेने वाले गुर्गे समेत दो आरोपी आनन-फानन में गिरफ्तार कर लिए गए, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
जूम मीटिंग का वायरल वीडियो 21 जून का है, जिसमें करोड़ों की ठगी में वांछित कैनविज ग्रुप का एमडी कन्हैया गुलाटी, विशाल शर्मा, अब्दुल, विनय श्रीवास्तव, राजीव सिंह, प्रमोद सिंह परिहार, इसरार, संजय साहू प्रयागराज समेत कई व्यक्ति जुड़े हुए हैं। वीडियो में विनय श्रीवास्तव कन्हैया गुलाटी को बरेली न आने की बात कह रहा है। उसका दावा है कि डीआईजी अजय साहनी से उसकी बात हो गई है। बरेली आने पर अंदर जाने की बात कहते हुए वह एसपी सिटी मानुष पारीक की किसी अन्य जिले के एसपी से बात होने का भी दावा कर रहा है। विनय बार-बार कन्हैया गुलाटी पर कोर ग्रुप के 44 लोगों की कॉल उठाने और बात करने को कह रहा है। इस पर गुलाटी अपनी व्यस्तता बताता है और मैसेज करने को कहता है, जिसके बाद वह कॉल करने का वादा भी कर रहा है.
पुलिस में हड़कंप मच गया
इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया है। डीआईजी और एसपी सिटी का नाम लिए जाने को लेकर सक्रिय हुई पुलिस ने आनन-फानन में डीआईजी व एसपी सिटी से बात होने का दावा करने वाले गोरखपुर में कौवा बाग रेलवे कॉलोनी निवासी रेलकर्मी विनय श्रीवास्तव और एक अन्य व्यक्ति इज्जतनगर के आलोकनगर निवासी विशाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों की लोकेशन ट्रेस करके उन्हें थाना फतेहगंज पश्चिमी के रहपुरा अंडरपास से गिरफ्तार किया है। ये दोनों जूम कॉल में भी मौजूद थे।
गुलाटी की कोर 44 टीम में शामिल, चल रहे थे वांछित
विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव कैनविज और गुलाटी की कोर 44 टीम के सदस्य हैं। विशाल शर्मा कैनविज प्रकरण में थाना इज्जतनगर व साइबर थाना से वांछित थाना। इसके अलावा थाना फतेहगंज पश्चिमी के मुकदमे में भी दोनों वांछित थे। विशाल शर्मा ने लगभग 80 लाख रुपये और विनय श्रीवास्तव ने लगभग 60 लाख रुपये का निवेश अन्य लोगों से कराया था।
पुलिस का दावा, गुलाटी पर दबाव बनाने को लिए अफसरों के नाम
पुलिस का दावा है कि विनय श्रीवास्तव ने कन्हैया गुलाटी से अपनी रकम निकालने के लिए डीआईजी और एसपी सिटी का नाम लिया है। साथ ही विजय और राकेश यह भी दावा किया कि वीडियो उनके किसी साथी ने वायरल किया। पुलिस दोनों से विस्तृत पूछताछ कर कन्हैया गुलाटी और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी कर रही है। मंगलवार को उन्हें रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा।
साल भर से फरार, वीडियो वायरल होते ही गिरफ्तारी
विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बता दें कि करीब साल से कैनविज की ठगी को लेकर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। दोनों इस ठगी में शामिल हैं और कैनविज की कोर 44 टीम के सदस्य होने के साथ ही लगातार गुलाटी के संपर्क में हैं। मगर अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। मगर सोमवार को जैसे ही गुलाटी गैंग की जूम मीटिंग का वीडियो वायरल हुआ और उसमें डीआईजी व एसपी सिटी का नाम लिया गया तो दिन भर में ही पुलिस ने रहस्यमय तरीके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें खास बात यह भी है कि विनय श्रीवास्तव रेलवे कर्मचारी है और गोरखपुर में रहता है। मगर विशाल के साथ ही उसे भी बरेली से ही गिरफ्तार किया गया।
ईओडब्ल्यू, ईडी और एसआईटी कर रही ठगी केसों की जांच
कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ एवं एमडी शाहदाना कॉलोनी निवासी कन्हैया गुलाटी ने अपने अन्य साथियों के सहयोग से निवेश के जरिये मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इसको लेकर तीन प्रदेशों में 98 मुकदमे दर्ज हैं, ईओडब्ल्यू, ईडी और एसआईटी इन केस की विवेचना कर रही है। कैनविज ठगी प्रकरण में कन्हैया गुलाटी एवं उसके अन्य साथियों के विरुद्ध नवंबर 2025 से अब तक बरेली में 93 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा बदायूं में तीन, अंबेडकरनगर और बस्ती में एक-एक तथा बिहार और झारखंड में भी मुकदमे दर्ज हैं। इस तरह इस गैंग के खिलाफ कुल 98 अभियोग पंजीकृत हो चुके हैं। कन्हैया गुलाटी की हिस्ट्रीशीट खुल चुकी है और वांछित चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी अनुराग आर्य ने 25 हजार रुपये और डीआईजी अजय साहनी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उसके लुक आउट और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराए जा चुके हैं।
बरेली में 12 थानों में दर्ज हैं गुलाटी गैंग पर मुकदमे
कैनविज ग्रुप और इसके एमडी कन्हैया गुलाटी समेत अन्य पदाधिकारियों पर वर्तमान में बरेली के 12 थानों में कुल 94 मुकदमे दर्ज हैं। सर्वाधिक 50 मुकदमे बारादरी थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा प्रेमनगर व फरीदपुर में 8-8, बिथरी में 5, फतेहगंज पश्चिमी, इज्जतनगर व सुभाषनगर में 4-4, किला व नवाबगंज में 3-3, कोतवाली में 2 और कैंट, साइबर क्राइम व फतेहगंज पश्चिमी थाने में 1-1 मुकदमा दर्ज है। इनमें से 62 मुकदमों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को ट्रांसफर कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान के नेतृत्व में गठित एसआईटी 12 मुकदमों की विवेचना पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर चुकी है, जबकि 20 मामलों की जांच अभी जारी है।
ईडी भी दर्ज कर चुकी है केस
कैनविज ठगी प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी केस दर्ज करके जांच कर रही है। बड़ी तादात में रकम की हेराफेरी को लेकर ईडी ने केस दर्ज किया है और लोगों को नोटिस जारी करके बयान व जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआईजी की बात
डीआईजी अजय साहनी ने कहा कि विनय श्रीवास्तव 1999 से 2010 तक बरेली में रहा तो वह अपनी पत्नी की किटी पार्टी के जरिये गुलाटी के संपर्क में आया। उसने अपने और लोगों के करीब 60 लाख रुपये लगवाए थे लेकिन यह कंपनी रकम लेकर फरार हो गई। पूछताछ में उसने बताया कि है कि अपने रुपये निकलवाने के लिए उसने गुलाटी पर दबाव बनाने के लिए मेरे नाम लिया। उसे एक अन्य साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी बोले
एसएसपी अनुराग आर्या ने कहा कि कैनविज एवं इसके एमडी कन्हैया गुलाटी के खिलाफ ठगी को लेकर तीन प्रदेशों में 98 मुकदमे दर्ज हैं। गुलाटी हिस्ट्रीशीटर अपराधी और 50 हजार का इनाम भी घोषित है। सोमवार को गुलाटी एवं उसके साथियों के वीडियो वायरल का संज्ञान लेकर जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गुलाटी पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने वीडियो में झूठी बातें कही थीं।


